News

क्या 2014 में DMK की वजह से हारी कांग्रेस? तमिलनाडु चुनाव से पहले बाहर आ गया दर्द

क्या 2014 में DMK की वजह से हारी कांग्रेस? तमिलनाडु चुनाव से पहले बाहर आ गया दर्द

तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव इसी साल होने वाले हैं. चुनाव अप्रैल या मई में हो सकते हैं. इसे लेकर कांग्रेस ने तैयारी शुरू कर दी है. इस बीच कांग्रेस का एक पुराना दर्द बाहर आ गया है. कांग्रेस सांसद बी. मणिकम टैगोर ने मदुरै में एक पार्टी बैठक के दौरान इशारों-इशारों में DMK पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि बिना नाम लिए DMK पर हमला बोलते हुए कहा कि उनके कुछ नेताओं के भ्रष्टाचार की वजह से UPA को हार का सामना करना पड़ा था.

रविवार को मदुरै में जिला कांग्रेस कमेटी की बैठक के दौरान विरुधुनगर लोकसभा क्षेत्र के सांसद बी. मणिकम टैगोर ने कहा कि DMK को अपनी गलतियों को दोष अपने ऊपर लेना होगा और इसका जवाब भी देना होगा. इस दौरान टैगोर ने डीएमके का नाम लिए बगैर कहा कि उनके भ्रष्टाचार की वजह से ही 2014 के लोकसभा चुनाव में यूपीए को करारी हार का सामना करना पड़ा था. उनके राष्ट्रीय स्तर के नेताओं की वजह से कांग्रेस पूरी तरह से सत्ता से बाहर हो गई. विपक्षी दल रहे बीजेपी ने उस समय DMK नेताओं के भ्रष्टाचार मामले को लेकर काफी हंगामा काटा था.

भ्रष्टाचार को लेकर अन्ना हजारे आंदोलन भी हुआ

इतना ही नहीं, कांग्रेस के कार्यकाल में हुए भ्रष्टाचार को लेकर अन्ना हजारे आंदोलन भी हुआ. इन सभी का परिणाम ये हुआ कि कांग्रेस 2014 का लोकसभा चुनाव बुरी तरह हार गई. इसके बाद से सत्ता में आने के लिए लगातार प्रयास कर रही है. बताया जा रहा है कि तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस और DMK के बीच सीट बंटवारे को लेकर बात चल रही है. अभी तक दोनों दलों के बीच सीटों को लेकर बात नहीं बन पाई है. माना जा रहा है कि कांग्रेस सांसद ने इसी चर्चा के बीच DMK पर बिना नाम लिए हमला बोला है.

कांग्रेस की अधिक सीटों की मांग

कांग्रेस सांसद टैगोर ने आगे कहा कि DMK के मदुरै उत्तर के विधायक जी. थलपति ने हाल ही में तमिलनाडु कांग्रेस की ताकत पर सवाल उठाए थे. कांग्रेस ने इस पर विरोध दर्ज कराया था. लेकिन DMK हाईकमान ने अपने विधायक के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की. दरअसल, टैगोर इस बार मदुरै उत्तर निर्वाचन क्षेत्र कांग्रेस को दिए जाने की मांग कर रहे हैं. उन्होंने बैठक में एक प्रस्ताव पारित करवाया, जिसमें कांग्रेस के लिए सत्ता में हिस्सेदारी और अधिक सीटों की मांग की गई.

DMK के इन नेताओं पर लगे थे भ्रष्टाचार के आरोप

यूपीए सरकार के दौरान द्रविड़ मुन्नेत्र कड़गम (DMK) के कई नेताओं पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगे थे, जिनमें प्रमुख रूप से ए. राजा (2जी स्पेक्ट्रम), कनिमोझी (मनी लॉन्ड्रिंग), और उदयनिधि स्टालिन (विभिन्न घोटालों) शामिल हैं. इसके अलावा, पार्टी के पूर्व अध्यक्ष करुणानिधि पर भी अपने कार्यकाल के दौरान भ्रष्टाचार के आरोप लगे थे. हालांकि जांच के बाद कोर्ट से ए. राजा, कनिमोझी और उदयनिधि स्टालिन इन केसों में बरी हो गए. लेकिन माना जाता है कि इन नेताओं की वजह से 2014 में यूपीए केंद्र की सत्ता से बेदखल हुई थी, जो आज भी वापसी के प्रयास में जुटी हुई है.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *