35 चालान वाली फॉर्च्यूनर कार से खत्म कर दीं दो जिंदगियां, फिर भी नहीं उतरा टशन… गोरखपुर के गोल्डन साहनी ने पुलिस कस्टडी में भी दिखाया भौकाल

होली के उत्सव के बीच गोरखपुर के मोहद्दीपुर ओवरब्रिज पर मौत का जो तांडव देखने को मिला, उसने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है. एक रसूखदार और रसूख के नशे में चूर फॉर्च्यूनर सवार ने न केवल ट्रैफिक नियमों की धज्जियां उड़ाईं, बल्कि दो होनहार जानों को हमेशा के लिए शांत कर दिया. आरोपी गोल्डेन साहनी की रंगबाजी का आलम ये है कि पुलिस कस्टडी में भी उसके चेहरे पर पछतावे की एक लकीर तक नहीं दिखी.
आरोपी गोल्डेन साहनी खुद को कैबिनेट मंत्री संजय निषाद का करीबी और पिपरोली का भावी ब्लॉक प्रमुख बताता है. उसकी दबंगई का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पुलिस कस्टडी में भी उसके दोनों हाथ पैंट की जेब में थे. इतना ही नहीं, शाहपुर थाने में बंद होने के बाद उसने अपनी मर्जी से सफेद कुर्ता-पायजामा मंगवाकर पहना और फिर जेल गया. सोशल मीडिया पर मंत्री के साथ उसकी तस्वीरें और वीडियो वायरल हैं, जिसमें वह उन्हें फूफा तक बताता नजर आ रहा है.
शराब के नशे में रॉन्ग साइड मचाई तबाही
बुधवार की रात करीब 10 बजे गोल्डेन साहनी अपनी लग्जरी फॉर्च्यूनर को रॉन्ग साइड पर बेहद तेज रफ्तार में दौड़ा रहा था. मोहद्दीपुर-कौवाबाग ओवरब्रिज पर उसने कई गाड़ियों को अपनी चपेट में लिया. इस हादसे में BRD मेडिकल कॉलेज के MBBS थर्ड ईयर के छात्र आकाश पांडेय (22) की मौके पर ही मौत हो गई. टक्कर इतनी भीषण थी कि छात्र का शव ओवरब्रिज की रेलिंग पर ही लटक गया.
हादसे में घायल दूसरे व्यक्ति उमेश शर्मा (नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. कमलेश के भाई) ने भी गुरुवार को एम्स में दम तोड़ दिया. उमेश अपनी बहन के घर से लौट रहे थे, तभी काल बनी फॉर्च्यूनर ने उन्हें कुचल दिया.
अपराधी या सड़कों का सीरियल किलर?
पुलिस जांच में आरोपी के ट्रैफिक रिकॉर्ड ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं. रिकॉर्ड के मुताबिक, गोल्डेन साहनी ने पिछले 1 साल में 19 बार ओवरलोडिंग की. 2 बार डेंजरस ड्राइविंग की और 5 बार नो पार्किंग का उल्लंघन किया. आरोपी की कार पर कुल 35 चालान हैं. एसपी ट्रैफिक राजकुमार पांडे के अनुसार, आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए क्योंकि बार-बार नियम तोड़ना उसकी फितरत बन चुका था.
जांच में हुई शराब की पुष्टि
सीओ गोरखनाथ रवि कुमार सिंह ने बताया कि न्यायालय की अनुमति पर आरोपी को रिमांड पर लिया गया था. मेडिकल जांच की शुरुआती रिपोर्ट में उसके शरीर में अल्कोहल (शराब) की मात्रा की पुष्टि हुई है. पुलिस अब इस मामले में उमेश शर्मा की मौत के बाद अतिरिक्त धाराओं में मुकदमा दर्ज कर सख्त कार्रवाई की तैयारी कर रही है.
उजड़ गए दो परिवार
आकाश पांडेय: संतकबीरनगर के रहने वाले अपने माता-पिता के इकलौते बेटे थे. तीन बहनों के बीच इकलौते भाई की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है. साथी मेडिकल छात्रों ने कैंडल मार्च निकालकर आरोपी के लिए फांसी की मांग की है.
उमेश शर्मा: अपने पीछे पत्नी और दो मासूम बच्चों (एक बेटा, एक बेटी) को छोड़ गए हैं.
सत्ता के गलियारों में पैठ रखने वाले इस आरोपी ने अपनी चंद मिनटों की लापरवाही और नशे की सनक में दो हंसते-खेलते परिवारों को उजाड़ दिया है. अब देखना यह है कि कानून इस रंगबाज पर कितनी सख्ती दिखाता है.