Why Worship Shiva On Monday: आखिर सोमवार को ही क्यों पूजे जाते हैं भोलेनाथ? जानिए इस खास दिन का असली रहस्य

Sawan 2026: 30 जुलाई 2026 से सावन माह की शुरुआत होने जा रही है. इस पूरे महीने में भगवान शिव की पूजा-अर्चना का विशेष महत्व माना जाता है. खासकर सावन के सोमवार को मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखने को मिलती हैं. शिवलिंग पर जल, दूध, बेलपत्र, धतूरा और भांग अर्पित कर भक्त भगवान भोलेनाथ का आशीर्वाद प्राप्त करने की कामना करते हैं. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि आखिर भगवान शिव की विशेष पूजा सोमवार के दिन ही क्यों की जाती है? इसके पीछे धार्मिक मान्यता, पौराणिक कथा और ज्योतिष तीनों का गहरा संबंध बताया गया है.
सोमवार और भगवान शिव का क्या है संबंध?
हिंदू धर्म में सप्ताह का प्रत्येक दिन किसी न किसी देवी-देवता को समर्पित माना गया है. सोमवार का दिन भगवान शिव का प्रिय दिन माना जाता है. सोम का अर्थ चंद्रमा होता है और सोमवार का संबंध भी चंद्रदेव से माना जाता है. भगवान शिव ने अपने मस्तक पर चंद्रमा को धारण किया है, यही वजह है कि सोमवार को शिव पूजा का विशेष महत्व बताया गया है.
चंद्रमा और शिव से जुड़ी पौराणिक कथा
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, चंद्रदेव ने राजा दक्ष की 27 पुत्रियों से विवाह किया था, लेकिन वे केवल रोहिणी से अधिक स्नेह रखते थे. इससे नाराज होकर दक्ष प्रजापति ने चंद्रदेव को क्षय रोग का श्राप दे दिया. श्राप के प्रभाव से चंद्रमा का तेज धीरे-धीरे कम होने लगा. जब सभी उपाय विफल हो गए तो चंद्रदेव ने भगवान शिव की कठोर तपस्या की. उनकी भक्ति से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने उन्हें अपने मस्तक पर स्थान दिया और श्राप के प्रभाव को कम कर दिया. तभी से भगवान शिव को चंद्रशेखर कहा जाने लगा और सोमवार का दिन उनकी पूजा के लिए सबसे शुभ माना गया.
सावन के सोमवार क्यों माने जाते हैं सबसे खास?
धार्मिक मान्यता है कि सावन का महीना भगवान शिव को सबसे अधिक प्रिय है. कहा जाता है कि इस महीने में की गई शिव भक्ति का कई गुना अधिक फल मिलता है. इसलिए जब सावन और सोमवार का संयोग बनता है, तब इसका महत्व और भी बढ़ जाता है. सावन सोमवार के दिन भक्त व्रत रखते हैं, शिवलिंग का जलाभिषेक करते हैं और ओम नमः शिवाय मंत्र का जाप करते हैं. मान्यता है कि इससे भगवान शिव जल्दी प्रसन्न होकर भक्तों की मनोकामनाएं पूरी करते हैं.
ज्योतिष में भी है सोमवार का महत्व
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, सोमवार का स्वामी ग्रह चंद्रमा है. चंद्रमा मन, भावनाओं और मानसिक शांति का कारक माना जाता है. यदि किसी व्यक्ति की कुंडली में चंद्रमा कमजोर हो तो सोमवार के दिन भगवान शिव की पूजा, जलाभिषेक और रुद्राभिषेक करना शुभ माना जाता है. ऐसी मान्यता है कि इससे मानसिक तनाव कम होता है, आत्मविश्वास बढ़ता है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है.
सोमवार के दिन कैसे करें भगवान शिव की पूजा?
सोमवार की सुबह नहाने के बाद साफ कपड़े पहनकर भगवान शिव का ध्यान करें. शिवलिंग पर गंगाजल, जल, दूध, बेलपत्र, आक का फूल, धतूरा और सफेद चंदन अर्पित करें. इसके बाद ओम नमः शिवाय या महामृत्युंजय मंत्र का श्रद्धापूर्वक जाप करें. पूजा के आखिर में भगवान शिव से सुख, शांति और समृद्धि की प्रार्थना करें. वहीं शाम के समय शिव आरती करना भी शुभ माना जाता है.
सोमवार की पूजा से क्या लाभ मिलते हैं?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सोमवार को भगवान शिव की विधि-विधान से पूजा करने से जीवन की कई परेशानियां दूर हो सकती हैं. शिव कृपा से मानसिक शांति, अच्छे स्वास्थ्य, वैवाहिक सुख, संतान सुख और आर्थिक उन्नति का आशीर्वाद मिलने की मान्यता है. अविवाहित युवक-युवतियां मनचाहे जीवनसाथी की कामना से भी सावन सोमवार का व्रत रखते हैं. वहीं विवाहित लोग दांपत्य जीवन में सुख और परिवार की खुशहाली के लिए भगवान शिव की आराधना करते हैं.
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Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं और सामान्य जानकारियों पर आधारित है. टीवी9 भारतवर्ष इसकी पुष्टि नहीं करता है.