‘श्रद्धांजलि दें, महिमामंडन न करें’… सज्जन कुमार विवाद पर दिल्ली-हरियाणा कांग्रेस नेताओं को आलाकमान की नसीहत

कांग्रेस के पुराने नेता सज्जन कुमार विवाद पर कांग्रेस की आलाकमान ने हरियाणा और दिल्ली कांग्रेस के नेताओं को नसीहत दी है. कांग्रेस आलाकमान ने कड़े शब्दों में कहा, “सज्जन कुमार कांग्रेस के नेता थे, उनका निधन हुआ है. उनको श्रद्धांजलि दें. उनका महिमामंडन न करें.” दरअसल, हरियाणा से सटे बाहरी दिल्ली के कई बार सांसद रहे सज्जन का नाम दिल्ली के बड़े जाट नेताओं में आता रहा, लेकिन सिख दंगों के मामले में वो दोषी करार दिए गए और सजा काट रहे थे.
फिर आरोप लगा कि दिल्ली कांग्रेस के ट्विटर हैंडल से जाट समाज से आने वाले कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा और रणदीप सुरजेवाला ने ट्वीट करके उनका महिमामंडन किया. इसके बाद पंजाब के सांसद और पूर्व सीएम चन्नी ने खरी खोटी सुनाते हुए कहा कि सज्जन का सम्मान पंजाब का अपमान है.
नसीहत के बाद नेताओं ने जताया खेद
इसके बाद कांग्रेस आलाकमान को पंजाब चुनाव में हो सकने वाले नुकसान का डर दिखा, जिसके बाद आलाकमान ने हरियाणा-दिल्ली के नेताओं को नसीहत दी है. आलाकमान के दखल का असर ये हुआ कि अब सभी दिल्ली हरियाणा के नेता चन्नी के बयान के बाद या खामोश हैं या फिर अपने बयान को तोड़ मरोड़ कर पेश किए जाने की बात कहकर खेद भी जता रहे हैं.
दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने क्या कहा?
रोहतक के सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा की दिवंगत कांग्रेस नेता सज्जन कुमार पर की गई टिप्पणी को लेकर मचे राजनीतिक विवाद के बीच, हरियाणा कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की है. उनका कहना है कि हुड्डा की टिप्पणियों से सिख समुदाय के बीच पार्टी की संभावनाओं को नुकसान पहुंच सकता है.
हुड्डा ने रविवार को एक वीडियो बयान जारी कर विवाद पर खेद जताया और कहा कि उनकी पिछली टिप्पणियों को गलत तरीके से पेश किया गया था. उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्होंने सज्जन कुमार को “रोल मॉडल” नहीं बताया था और कहा कि उनका मकसद कभी भी सिख समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं था.
हुड्डा ने एक बयान में कहा, पिछले दो दिनों से मैं देख रहा हूं कि मेरे बयान को तोड़-मरोड़कर लोगों के सामने पेश किया जा रहा है। मेरे बयान में एक अंग्रेजी शब्द भी डाला जा रहा है, जो मैंने कभी नहीं कहा, और न ही मेरा ऐसा कोई मतलब था.
