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Dr. Ajay Ranga: अल फलाह यूनिवर्सिटी को मिला नया वाइस चांसलर, जानें कौन हैं डॉ. अजय रंगा

Dr. Ajay Ranga: अल फलाह यूनिवर्सिटी को मिला नया वाइस चांसलर, जानें कौन हैं डॉ. अजय रंगा

कुछ महीने पहले हरियाणा के फरीदाबाद में स्थित अल फलाह यूनिवर्सिटी के कुछ डॉक्टरों का नाम दिल्ली ब्लास्ट केस में सामने आया था और अब खबर है कि हरियाणा सरकार ने इस यूनिवर्सिटी को अपने कंट्रोल में ले लिया है. इसी के साथ सीनियर आईएएस अधिकारी अमित अग्रवाल को यहां का प्रशासक नियुक्त किया गया है, जिन्होंने अपना कार्यभार भी संभाल लिया है, जबकि जेसी बोस यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार डॉ. अजय रंगा को इस यूनिवर्सिटी का नया उप-कुलपति बनाया गया है. आइए जानते हैं कि डॉ. अजय रंगा आखिर कौन हैं?

प्रोफेसर और डॉ. अजय रंगा एक प्रतिष्ठित प्रशासक हैं, जिन्हें विधिक शिक्षा और सामाजिक न्याय संबंधी पहलों में दो दशकों से अधिक का अनुभव है. पिछले साल 23 मई को फरीदाबाद स्थित जेसी बोस विज्ञान और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में रजिस्ट्रार का पद संभालने से पहले वह चितकारा विश्वविद्यालय, राजपुरा, पंजाब के चितकारा विधि विद्यालय में डीन के रूप में काम कर चुके हैं.

कहां से की है पढ़ाई?

प्रोफेसर रंगा की पढ़ाई की बात करें तो उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा हरियाणा के जिंद स्थित जवाहर नवोदय विद्यालय से पूरी की है. इसके बाद उन्होंने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के विधि विभाग से बीए (कानून) और एलएलबी की उपाधि प्राप्त की और फिर चंडीगढ़ स्थित पंजाब विश्वविद्यालय के विधि विभाग से एलएलएम और पीएचडी की उपाधि प्राप्त की. आपराधिक कानून और फॉरेंसिक साइंस में विशेषज्ञता रखने वाले प्रोफेसर रंगा का एकेडमिक इतिहास भी काफी शानदार रहा है. उन्होंने प्रतिष्ठित पत्रिकाओं में प्रकाशन और पंजाब विश्वविद्यालय में लॉ के प्रोफेसर और चितकारा विश्वविद्यालय के डीन के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है.

HPNLU में रह चुके हैं लॉ के प्रोफेसर

डॉ. अजय रंगा ने शिमला स्थित हिमाचल प्रदेश राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय (एचपीएनएलयू) में लॉ के प्रोफेसर के रूप में भी काम किया है और रजिस्ट्रार, डीन और वित्त अधिकारी के रूप में भी कार्यभार संभाला है. इसके अलावा वह एचपीएनएलयू में अपराध विज्ञान और फॉरेंसिक साइंस सेंटर के निदेशक भी रहे हैं. वह भारत के उपराष्ट्रपति द्वारा मनोनीत होकर 2013 से 2016 तक पंजाब विश्वविद्यालय के ‘फेलो’ (सीनेटर) भी रहे और पंजाब विश्वविद्यालय शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के माध्यम से 2016 से 2021 तक पंजाब विश्वविद्यालय के निर्वाचित ‘फेलो’ (सीनेटर) भी रह चुके हैं.

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