Harish Rana Dead: ‘अलविदा मेरे लाल, अब जा, शांति से जा’, हरीश के माथे को आखिरी बार चूमा; फूट-फूटकर रोए मां-बाप
एक मां का दिल, जो 13 साल से हर दिन टूटता रहा, लेकिन कभी हारा नहीं। मंगलवार को आखिर वह पल आ ही गया, जब हरीश राणा को माता-पिता ने कलेजे पर पत्थर रखकर माता-पिता ने कलेजे के टुकड़े को हमेशा के लिए अलविदा कह दिया।