कमरा नंबर 404 का रहस्य, सुसाइड वाली साड़ी… इंदौर के बिल्डर ने क्यों दी जान? पूरी कहानी

इंदौर के पलासिया थाना क्षेत्र में बिल्डर संदीप उर्फ बंटी नागर की अपने ही ऑफिस में सुसाइड के मामले की पुलिस जांच जारी है. कारोबारी ने ऑफिस के कमरा नंबर 404 में फांसी लगाकर जान दी थी. शुरुआती जांच में पुलिस को सुसाइड के पीछे कोई एक स्पष्ट वजह नहीं मिली है. ऐसे में पुलिस ने तीन प्रमुख एंगल से जांच शुरू की है. इनमें पारिवारिक विवाद, कारोबारी प्रतिस्पर्धा और ब्लैकमेलिंग की आशंका शामिल है.
पुलिस के लिए सबसे अहम सवाल यह है कि संदीप नागर ने सुसाइड के लिए अपने ऑफिस को ही क्यों चुना. बताया जा रहा है कि वह अक्सर ऑफिस के कमरा नंबर 404 में अकेले बैठा करते थे. घटना वाले दिन भी वह ऑफिस पहुंचे थे और कुछ समय बाद इसी कमरे में फांसी लगा ली.
पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इस कमरे से जुड़ी कोई खास वजह थी या फिर संदीप ने इसे इसलिए चुना क्योंकि यहां वह आसानी से अकेले रह सकते थे. इस पहलू को समझने के लिए पुलिस उनके परिजनों, पारिवारिक मित्रों और करीबी लोगों से पूछताछ कर रही है.
तीन दिन पहले ऑफिस लाई गई थी पत्नी की साड़ी
जांच में सामने आया है कि संदीप नागर ने कथित तौर पर सुसाइड के लिए इस्तेमाल की गई पत्नी की साड़ी करीब तीन दिन पहले ही ऑफिस में लाकर रख दी थी. इससे पुलिस को आशंका है कि उन्होंने सुसाइड की योजना पहले से बना रखी थी.
पुलिस अब यह जानने की कोशिश कर रही है कि साड़ी ऑफिस लाने के पीछे क्या वजह थी और क्या इस दौरान उनके व्यवहार में कोई बदलाव आया था. घटना के समय ऑफिस में कोई और मौजूद नहीं था. इसी दौरान उन्होंने फांसी लगाकर सुसाइड कर ली.
पारिवारिक विवाद भी जांच के दायरे में
पुलिस की शुरुआती जांच में पारिवारिक कारण भी सामने आया है. अधिकारियों को आशंका है कि संदीप नागर के परिवार में किसी तरह का विवाद या तनाव चल रहा हो सकता है. हालांकि, इसकी पुष्टि अभी जांच के बाद ही हो सकेगी.
इसीलिए पुलिस उनके परिवार और करीबी लोगों से बातचीत कर यह समझने की कोशिश कर रही है कि हाल के दिनों में उनके निजी जीवन में क्या चल रहा था और क्या किसी पारिवारिक परेशानी का असर उनके व्यवहार पर पड़ा था.
पुलिस कारोबारी प्रतिस्पर्धा के पहलू को भी नजरअंदाज नहीं कर रही है. इंदौर में पिछले कुछ समय से प्रॉपर्टी कारोबार में गतिविधियां बढ़ी हैं और बाहर की बड़ी कंपनियां भी शहर में निवेश कर रही हैं. ऐसे में कारोबार से जुड़े तनाव या प्रतिस्पर्धा की संभावना को भी जांच में शामिल किया गया है.
पुलिस संदीप नागर के कारोबारी मित्रों और उनसे जुड़े लोगों से पूछताछ कर रही है, ताकि पता लगाया जा सके कि व्यापार में किसी तरह का विवाद या दबाव तो नहीं था.
मोबाइल खोलेगा ब्लैकमेलिंग का राज?
जांच का तीसरा प्रमुख एंगल ब्लैकमेलिंग से जुड़ा है. पुलिस ने संदीप नागर का मोबाइल फोन जब्त कर लिया है. अब पिछले करीब एक महीने की कॉल डिटेल और बातचीत की जांच की जा रही है.
पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि उन्होंने किन लोगों से संपर्क किया, किससे कितनी बातचीत हुई और क्या किसी व्यक्ति के साथ उनकी लगातार या संदिग्ध बातचीत हो रही थी.
फिलहाल पुलिस तीनों एंगल पर जांच आगे बढ़ा रही है. कमरा नंबर 404, तीन दिन पहले ऑफिस लाई गई साड़ी, कारोबारी रिश्ते और मोबाइल की बातचीत—इन सभी कड़ियों को जोड़कर पुलिस सुसाइड के पीछे की वास्तविक वजह तक पहुंचने की कोशिश कर रही है.
