कोशिश सफल हो जाती तो… 9/11 का जिक्र कर अल कायदा ने थपथपाई ओमानी को-पायलट की पीठ

Flydubai Hijack: अल कायदा की यमन शाखा AQAP का अनौपचारिक मुखपत्र ‘अल बयान’ ने फ्लाईदुबई के एक विमान को हाईजैक करने की नाकाम कोशिश पर एक संपादकीय छपा है. इस लेख का शीर्षक है- ‘Between September 11 and September 30’. अखबार ने इस कोशिश की सीधी जिम्मेदारी तो नहीं ली, लेकिन ओमानी को-पायलट की कथित कोशिश का समर्थन जरूर जताया है. लेख में 9/11 वाले हमले के विमान और फ्लाईदुबई के विमान की तस्वीरें साथ-साथ छापी गई हैं.
उन्होंने फ्लाईदुबई की फ्लाइट 1073 को ‘यहूदी-यूएई वाला विमान’ बताया और दावा किया कि वह विमान सऊदी अरब में उतरा था.
‘अल बयान’ के मुताबिक, अगर हाईजैकिंग की कोशिश सफल हो जाती तो इलाके में ताकत का संतुलन बदल सकता था. संपादकीय में यह भी कहा गया है कि अमेरिका और इजराइल को गैर-मुस्लिम लोग भी निशाना बना सकते हैं और ऐसे हमलों को मुसलमानों के फायदे में बताया गया है. सुरक्षा एजेंसियां इस बात पर ध्यान दे रही हैं कि AQAP ने सीधे जिम्मेदारी लेने से बचते हुए सिर्फ वैचारिक समर्थन दिया है.
कौन है ओमानी को-पायलट हमाम अल-हमामी?
विदेशी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ओमान के को-पायलट का नाम हमाम अल-हमामी है और उसकी उम्र 29 साल है. अल-हमामी का जन्म यूएई में हुआ था. उसके पिता ओमानी और मां सीरियाई हैं. उसने ब्रिटेन की बकिंघमशायर न्यू यूनिवर्सिटी से एविएशन मैनेजमेंट की पढ़ाई की थी. रिपोर्ट्स के मुताबिक, उसने ओमान एयर और रॉयल एयर मारोक में भी काम किया.
हालांकि, कथित तौर पर कट्टरपंथी विचारों और सुरक्षा से जुड़ी चिंताओं के चलते उसे ओमान एयर की ट्रेनिंग से हटा दिया गया था. इसके बाद करीब 8 महीने पहले उसने फ्लाईदुबई में नौकरी शुरू की थी.
कब क्या हुआ?
- दरअसल, 30 सितंबर को फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 ने दुबई से इजरायल के तेल अवीव के लिए उड़ान भरी थी. विमान में करीब 180 लोग सवार थे. उड़ान के दौरान कॉकपिट में मौजूद ओमानी को-पायलट ने पायलट स्मित मछार पर हमला कर दिया.
- हमलावर को-पायलट का मकसद विमान को हाईजैक करना या क्रैश करना था. हमले के कारण विमान अचानक महज कुछ सेकेंडों में 36,000 फीट से गिरकर करीब 17,000 फीट नीचे आ गया. इससे यात्रियों में हड़कंप मच गया.
- गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद भारतीय मूल के कैप्टन स्मित मछार ने हिम्मत नहीं हारी. उन्होंने किसी तरह कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया. दरवाजा खुलते ही फ्लाइट में मौजूद क्रू मेंबर्स और इजराइली यात्री तुरंत कॉकपिट में घुसे और किसी तरह हमलावर को-पायलट को पकड़ा. रिजर्व पायलटों ने तुरंत विमान को अपने कंट्रोल में लिया और उसे सऊदी के तबुक एयरपोर्ट पर सुरक्षित इमरजेंसी लैंडिंग कराई.
- इस घटना में सभी यात्री पूरी तरह सुरक्षित बच गए. इसके बाद भारतीय मूल के पायलट स्मित मछार की खूब सराहना हुई. इजराइली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू से लेकर ट्रंप और पीएम मोदी तक ने स्मित को सच्चा हीरो बताया.
