News

बंगाल में चुनावी अपीलों का अंबार… 37 लाख मामले पेंडिंग, EC ने सुप्रीम कोर्ट में कहा- बनेंगे 42 ट्रिब्यूनल

बंगाल में चुनावी अपीलों का अंबार… 37 लाख मामले पेंडिंग, EC ने सुप्रीम कोर्ट में कहा- बनेंगे 42 ट्रिब्यूनल

पश्चिम बंगाल में वोटर लिस्ट की खास जांच के दौरान नाम हटाए या जोड़े जाने को लेकर 37 लाख से ज्यादा अपीलें अभी भी लंबित हैं. चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि इन अपीलों का जल्दी निपटारा करने के लिए राज्य में ट्रिब्यूनल की संख्या 19 से बढ़ाकर 42 करने की जरूरत है. चुनाव आयोग ने इस हफ्ते सुप्रीम कोर्ट में दाखिल एक हलफनामे में बताया कि कुल 38 लाख अपीलें दाखिल की गई थीं, जिनमें से 37 लाख अभी भी पेंडिंग हैं.

इनमें से 22 लाख से ज्यादा अपीलें उन वोटरों ने की हैं. इनके नाम लिस्ट से हटा दिए गए थे और लगभग 16 लाख अपीलें ऐसी हैं जिनमें SIR के बाद वोटर लिस्ट में नाम शामिल किए जाने को चुनौती दी गई है.

‘लोकसभा सीट के बराबर ही ट्रिब्यूनल होना चाहिए’

आयोग ने कहा, “पेंडिंग अपीलों के निपटारे की प्रक्रिया को और बेहतर और तेज बनाने के लिए, ये प्रस्ताव है. पश्चिम बंगाल राज्य में अपीलेट ट्रिब्यूनल की संख्या को राज्य में संसदीय निर्वाचन क्षेत्रों की संख्या के बराबर करने पर विचार किया जाए, ताकि पेंडिंग अपीलों का तेजी से निपटारा हो सके.” पश्चिम बंगाल में 42 संसदीय निर्वाचन क्षेत्र हैं और आयोग ने सुझाव दिया है कि राज्य में लोकसभा सीटों की संख्या के बराबर ही ट्रिब्यूनल होने चाहिए.

चुनाव आयोग का ये हलफनामा तृणमूल कांग्रेस के नेता और राज्यसभा सांसद डेरेक ओ’ब्रायन की अर्जी के जवाब में आया है. सुप्रीम कोर्ट में पश्चिम बंगाल में SIR प्रक्रिया को चुनौती देने वाले याचिकाकर्ताओं में से एक हैं. ECI द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, ट्रिब्यूनल के सामने दाखिल 38 लाख अपीलों में से 57% से ज्यादा अपीलें नाम हटाए जाने के खिलाफ हैं.

हलफनामे में ये भी बताया गया कि ट्रिब्यूनल के सामने 16.1 लाख ऐसी अपीलें भी हैं जिनमें लिस्ट में वोटरों के नाम शामिल किए जाने को चुनौती दी गई है. इतने ज्यादा मामलों से निपटने के लिए चुनाव आयोग ने कहा कि ट्रिब्यूनल में मौजूदा संख्या से ज्यादा लोगों की जरूरत है.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *