News

राकेश अग्रवाल मर्डर केस: वारदात वाली रात क्यों गुस्से में थे पूर्व IAS? डांट से लेकर कत्ल तक… कातिल वरुण ने बताई कहानी

राकेश अग्रवाल मर्डर केस: वारदात वाली रात क्यों गुस्से में थे पूर्व IAS? डांट से लेकर कत्ल तक… कातिल वरुण ने बताई कहानी

Bhopal IAS Rakesh Agarwal murder Case: भोपाल में रिटायर्ड IAS अधिकारी राकेश अग्रवाल (70) की हत्या के मामले में गिरफ्तार केयरटेकर वरुण कुमार ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं. उसने पुलिस को बताया कि राकेश ने उसे डांट लगाई थी. वारदात की रात हालात ऐसे बने कि उसने राकेश अग्रवाल की हत्या कर दी. वरुण ने अपने अतीत के बारे में भी पुलिस को बताया है.

पुलिस के मुताबिक, राकेश अग्रवाल को रात करीब 12 बजे आखिरी बार जागते हुए देखा गया था. वह काफी गुस्से में थे. राकेश ने वरुण को डांट लगाई थी और कहा था कि वह उनके घर से चला जाए. उनकी पत्नी ने उन्हें नींद की दवा दी और बिस्तर पर सुला दिया. इसके बाद वह अपने कमरे में सोने चली गईं. पुलिस पूछताछ में वरुण ने बताया कि इसी दौरान उसे हत्या का मौका मिला. उसने रात करीब 1:40 से 2:20 बजे के बीच राकेश अग्रवाल की हत्या कर दी.

वरुण को उम्मीद थी कि घर में काफी पैसे मिलेंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ. उसने राकेश अग्रवाल के यहां 26 सितंबर को केयरटेकर का काम शुरू किया था और महज तीन दिन बाद ही हत्या कर दी.

हत्या के बाद भोपाल से फरार

वारदात को अंजाम देने के बाद वरुण रात करीब 2:30 बजे घर से निकल गया. सीसीटीवी फुटेज में वह घर से बाहर जाता दिखाई दिया. इसके बाद सुबह 4:12 बजे वह रेलवे स्टेशन पहुंचा और केरल एक्सप्रेस में सवार होकर भोपाल से फरार हो गया. यानी हत्या के बाद घर से निकलने और शहर छोड़ने के बीच महज 102 मिनट का अंतर था.

30 सितंबर को घर में राकेश अग्रवाल का शव मिलने के बाद हत्या का खुलासा हुआ. पुलिस को घर में गैस सिलेंडर का पाइप निकला हुआ और रेगुलेटर खुला मिला था. इसके अलावा कपड़ों पर प्रेस रखकर उसका स्विच भी चालू किया गया था. पुलिस के मुताबिक, वरुण ने घर में धमाका कराने के इरादे से ऐसा किया था. हालांकि, पत्नी की नींद खुलने पर उन्होंने प्रेस बंद कर दी और पुलिस को सूचना दी.

आगरा में छिपा था आरोपी

हत्या के बाद फरार वरुण को पुलिस ने आगरा से गिरफ्तार किया. गिरफ्तारी से पहले मुगलिया छाप इलाके के पास पुलिस और आरोपी के बीच मुठभेड़ हुई. इस दौरान वरुण ने भागने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस की गोली उसके पैर में लगी. गिरफ्तारी के बाद भी उसके चेहरे पर मुस्कान दिखाई दी.

पिता ने छोड़ा तो मां के साथ आगरा में रहा

पूछताछ में वरुण ने बताया कि उसकी मां पटियाला की रहने वाली थी. जब वह तीन साल का था, तभी मां ने उसके पिता राजकुमार को छोड़ दिया और आगरा आकर रहने लगीं. वरुण ने सातवीं तक पढ़ाई आगरा में की. इसके बाद वह साड़ी की दुकानों पर काम करने लगा. पिछले तीन साल से वह केयरटेकर का काम कर रहा था.

उसके पिता राजकुमार ने दो शादियां की हैं और वह ग्वालियर के बड़ा गांव में रहते हैं. वरुण की मां की मौत हो चुकी है. पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर हत्या की पूरी कड़ी और वारदात से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *