सिवान में बिहार बंद के दौरान AK-47 से फायरिंग करने वाला जवान सस्पेंड, पटना समेत इन जिलों में 21 FIR…450 अरेस्ट

Siwan AK47 Firing Police Jawan: बिहार बंद के दौरान सिवान में हुए उग्र प्रदर्शन के बीच AK-47 से फायरिंग करने वाले पुलिस जवान पर बड़ी कार्रवाई की गई है. वायरल वीडियो सामने आने के बाद पुलिस मुख्यालय ने मामले का संज्ञान लेते हुए जवान अभिषेक पटेल को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है. बताया जा रहा है कि अभिषेक पटेल स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) में तैनात थे. पुलिस विभाग ने इस मामले में विभागीय कार्रवाई भी शुरू कर दी है.
25 जुलाई को बिहार बंद के दौरान सिवान में प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच स्थिति तनावपूर्ण हो गई थी. प्रदर्शन के दौरान झड़प, पथराव और लाठीचार्ज की स्थिति बनी थी. इसी बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ, जिसमें एक पुलिस जवान AK-47 से फायरिंग करता हुआ दिखाई दे रहा था.
वीडियो सामने आने के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया. अधिकारियों ने मामले की जांच शुरू की और प्रथम दृष्टया कार्रवाई करते हुए संबंधित जवान को सस्पेंड कर दिया. पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि किन परिस्थितियों में जवान ने हथियार का इस्तेमाल किया और क्या फायरिंग नियमों के तहत की गई थी या नहीं.
प्रदर्शन और हिंसा को लेकर कई जिलों में कार्रवाई
बिहार बंद के दौरान हुई हिंसक घटनाओं को लेकर पुलिस ने राज्य के कई जिलों में कार्रवाई तेज कर दी है. अब तक पटना समेत कई जिलों में कुल 21 एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं. पुलिस के अनुसार, करीब 450 लोगों को गिरफ्तार किया गया है.
पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार किए गए लोगों पर पुलिसकर्मियों पर हमला करने, जानलेवा हमला करने, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, सड़क जाम करने और आम लोगों के साथ मारपीट जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं.
पटना में सबसे ज्यादा गिरफ्तारियां
पटना में दर्ज दो मामलों में अब तक 139 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. इनमें 30 छात्राएं और करीब 45 नाबालिग भी शामिल थे. पुलिस पूछताछ के बाद छात्राओं और नाबालिगों को छोड़ दिया गया.
इसके अलावा सारण में चार मामलों में 58 लोगों, सीवान में तीन मामलों में 25 लोगों, मुजफ्फरपुर में दो मामलों में 15 लोगों, सीतामढ़ी में चार मामलों में 13 लोगों और किशनगंज में एक मामले में 25 लोगों की गिरफ्तारी हुई है.
पुलिस कर रही वीडियो और सबूतों की जांच
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, प्रदर्शन के दौरान हुई घटनाओं की जांच वीडियो फुटेज, सोशल मीडिया पर वायरल सामग्री और मौके पर मौजूद लोगों के बयान के आधार पर की जा रही है. अधिकारियों का कहना है कि हिंसा में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा.
वहीं, AK-47 से फायरिंग करने वाले जवान पर हुई कार्रवाई के बाद पुलिस विभाग ने साफ संकेत दिया है कि कानून-व्यवस्था संभालने के दौरान किसी भी पुलिसकर्मी की संदिग्ध भूमिका मिलने पर उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी. मामले की जांच जारी है और आगे और भी कार्रवाई होने की संभावना जताई जा रही है.
रिपोर्ट- मणीकांत