25 हजार दो और 93 लाख पाओ? ‘पैसों की बारिश’ का झांसा देकर ठगी करने वाले गैंग का भंडाफोड़

Ahilyanagar Crime News: महाराष्ट्र के अहिल्यानगर (अहमदनगर) जिले में स्थानीय अपराध शाखा (LCB) की पुलिस को जाली भारतीय मुद्रा (FICN) के एक बड़े गिरोह को बेनकाब करने में सफलता मिली है. एमआईडीसी पुलिस थाना क्षेत्र के अंतर्गत जाली नोटों का जखीरा होने की गुप्त सूचना के आधार पर LCB की टीम ने वडगांव गुप्ता इलाके में जाल बिछाकर छापेमारी की. पुलिस ने मौके से बारामती निवासी तीन संदिग्धों गणेश शेवाले, सुमित चंदनशिवे और सूरज कांबले को हिरासत में लिया. तलाशी लेने पर उनके पास से 500-500 रुपये के नकली नोटों की गड्डियां बरामद हुईं, जिनकी कुल कीमत 93 लाख पाई गई.
पुलिस की शुरुआती पूछताछ में आरोपियों ने अंधविश्वास और लालच के आधार पर चलाए जा रहे ठगी के इस खेल का भंडाफोड़ किया. आरोपी लोगों और श्रद्धालुओं को बहला-फुसलाकर उनके असली पैसे ले लेते थे और बदले में अघोरी पूजा या तंत्र-मंत्र के जरिए ‘पैसों की बारिश’ कराने व रकम दोगुना करने का झांसा देकर नकली नोट थमा देते थे. आरोपियों ने यह सनसनीखेज खुलासा भी किया कि 93 लाख के ये जाली नोट वे नासिक जिले के मालेगांव से महज 25,000 रुपये देकर खरीदकर लाए थे.
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नेटवर्क खंगालने में जुटी पुलिस, फरार आरोपियों की तलाश तेज
LCB पुलिस ने तीनों मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है, जबकि अहिल्यानगर शहर में रहने वाले उनके दो अन्य साथी फिलहाल पुलिस की पकड़ से बाहर हैं. पुलिस अब इस बात की गहनता से पड़ताल कर रही है कि इस गिरोह ने अब तक कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है, क्या ये नकली नोट बाजार में चलाए गए हैं और मालेगांव में नकली नोट छापने या सप्लाई करने वाला मुख्य सरगना कौन है.
