अपने सुरक्षा कर्मियों में फेरबदल से नाराज हुईं ममता बनर्जी, नए पीएसओ को वापस भेजा

पश्चिम बंगाल में पूर्व सीएम ममता बनर्जी की सुरक्षा में पांच पीएसओ हमेशा तैनात रहते थे, कल देर रात एक प्रशासनिक आदेश के तहत उन पांचो पीएसओ को उनके यूनिट में वापस भेज दिया गया और उनकी जगह 4 दूसरे पीएसओ ममता बनर्जी की सुरक्षा के लिए भेजे गए थे. इन नए पीएसओ को ममता ने लेने से इनकार कर दिया. कुसुम द्विवेदी और स्वरूप गोस्वामी नाम के दो पीएसओ ममता बनर्जी के बेहद खास माने जाते रहे हैं.
वहीं पश्चिम बंगाल में टीएमसी ने सीएम शुभेंदु अधिकारी पर आरोप लगाया है कि उन्होंने पूर्व सीएम ममता बनर्जी के पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर्स (PSO) को अचानक से हटा दिया. टीएमसी ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, “राजनीतिक बदले की भावना का एक चौंकाने वाला और निचला स्तर. आखिर आप क्या साजिश रच रहे हैं शुभेंदु?” टीएमसी ने सोशल मीडिया पोस्ट में आगे लिखा, “ममता बनर्जी की सुरक्षा में लंबे समय से तैनात सुरक्षाकर्मियों को हटाना कोई प्रशासनिक कदम नहीं है, बल्कि यह उन्हें अलग-थलग करने और खतरे में डालने की एक सोची-समझी चाल है.बदले की राजनीति का आपका जुनून और असुरक्षा की भावना से प्रेरित होकर सत्ता का गलत इस्तेमाल यह साफ दिखाता है कि आप असल में कौन हैं. अगर ‘छोटी राजनीति’ का कोई चेहरा होता, तो वह निस्संदेह आपके जैसा ही दिखता.”
ममता बनर्जी को Z+ श्रेणी की सुरक्षा मिली हुई है. राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद हाल ही में उनके आवास और आसपास तैनात राज्य पुलिस के अतिरिक्त सुरक्षा बल तथा बैरिकेडिंग को हटा लिया गया है. लेकिन केंद्र सरकार द्वारा प्रदान की गई उनकी Z+ सुरक्षा में कोई बदलाव नहीं किया गया है.
A shocking new low in POLITICAL VENDETTA.
What exactly are you plotting, @SuvenduWB?
Removing the long-serving security personnel protecting @MamataOfficial is not administrative action, it is a CALCULATED MOVE TO ISOLATE AND ENDANGER HER.
Your obsession with vendetta politics pic.twitter.com/GpHlfJH6S9
— All India Trinamool Congress (@AITCofficial) June 17, 2026
Z प्लस में कितने गार्ड्स?
Z प्लस में ममता के पास 38 गार्ड्स मौजूद रहते हैं. पूर्व सीएम होने के नाते उन्हें Z प्लस कैटेगरी की सुरक्षा मिलती रहेगी. मुख्यमंत्री पद से हटने के बाद ही उनके घर के पास भारी संख्या में राज्य पुलिस की तैनाती और बैरिकेड्स हटा दिए गए थे. सूत्रों के मुताबिक, राज्य पुलिस ने प्रशासनिक फेरबदल के तहत उनके दो पीएसओ को बदला है, नए पीएसओ को ममता ने वापस कर दिया है. हर पूर्व सीएम का सुरक्षा प्रोटोकॉल अलग-अलग होता है, परिस्थितियों और थ्रेट परसेप्शन के आधार पर बदलाव होता रहता है.