चढ़ावा चोरी या कुछ और? वैष्णो देवी मंदिर में चढ़ाई गई 550 करोड़ की नकली चांदी, आरोप पर कोर्ट ने क्राइम ब्रांच से मांगा रिकॉर्ड

Vaishno Devi Temple: अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावा चोरी की घटना के बाद देश के कई मंदिरों में इस तरह के मामले सामने आ रहे हैं. ताजा मामला माता वैष्णो देवी मंदिर से जुड़ा है.माता वैष्णो देवी मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाई गई करीब 550 करोड़ रुपये मूल्य की कथित नकली चांदी के मामले ने अब नया मोड़ ले लिया है. जम्मू-कश्मीर कोर्ट ने इस मामले में जम्मू-कश्मीर क्राइम ब्रांच को चांदी के चढ़ावे से जुड़े सभी रिकॉर्ड पेश करने का निर्देश दिया है. मामला कथित गबन, हेराफेरी, चोरी और चांदी में मिलावट के आरोपों से जुड़ा है.
मामला उस शिकायत के बाद सामने आया, जिसमें मंदिर में चढ़ाए गए चांदी के चढ़ावे के कथित गबन और उसे बदलने के आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई थी. शिकायतकर्ता का आरोप है कि मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाई गई असली चांदी की जगह नकली धातु रखी गई और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए.
95 फीसदी चांदी निकली नकली
मई महीने में श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने लगभग 20 टन चांदी, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 550 करोड़ रुपये बताई गई. उसे पिघलाने और सुरक्षित रखने के लिए सरकारी टकसाल (मिंट) भेजी थी. इस दौरान धातु जांच में कथित तौर पर सामने आया कि भेजी गई सामग्री में केवल करीब 5 प्रतिशत ही शुद्ध चांदी थी, जबकि शेष लगभग 95 प्रतिशत हिस्सा कैडमियम और लोहे जैसी सस्ती धातुओं का है. अब चांदी की मौजूदा कीमत करीब 30 करोड़ रुपए बताई जा रही है.
शिकायतकर्ता ने लगाए चोरी के आरोप
शुरुआत में यह आशंका जताई गई थी कि श्रद्धालुओं ने अनजाने में नकली चांदी चढ़ाई होगी, लेकिन शिकायतकर्ता एवं अधिवक्ता दीपक शर्मा ने इस दावे पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि असली चांदी को बदलकर उसका गबन किया गया है. उन्होंने 9 मई को क्राइम ब्रांच को दी गई शिकायत में आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात, गबन और सरकारी रिकॉर्ड में हेराफेरी के आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज करने और सभी रिकाॅर्ड को सुरक्षित रखने की मांग की.
शिकायत में मंदिर परिसर और चांदी के संग्रहण, भंडारण और परिवहन से जुड़े सीसीटीवी फुटेज, रिकॉर्ड, धातु परीक्षण रिपोर्ट और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को सुरक्षित रखने की भी मांग की गई है.
क्राइम ब्रांच ने कोर्ट में पेश की स्टेटस रिपोर्ट
क्राइम ब्रांच की ओर से कोर्ट में पेश की गई स्टेटस रिपोर्ट में कहा गया कि शिकायत को आगे की मंजूरी के लिए श्रीनगर स्थित विभागीय मुख्यालय भेजा गया है और आवश्यक प्रक्रिया जारी है. वहीं शिकायतकर्ता का कहना है कि पुलिस को कानून के तहत तत्काल एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू करनी चाहिए थी.
कोर्ट ने दिए जांच अधिकारी को ये निर्देश
मामले की सुनवाई के बाद मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने जांच अधिकारी को 29 जुलाई को अगली सुनवाई के दौरान सभी संबंधित रिकॉर्ड के साथ व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित होने का निर्देश दिया है.
शिकायतकर्ता का कहना है कि जांच से यह स्पष्ट होना चाहिए कि क्या श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाई गई असली चांदी की हेराफेरी कर उसे बदल दिया गया था या फिर मंदिर में अनजाने में नकली चांदी ही चढ़ाई गई थी. अब इस पूरे मामले की जांच और अदालत की अगली सुनवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं.
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