इन 5 देशों से MBBS करने पर भारत में बिना FMGE परीक्षा के कर सकेंगे प्रैक्टिस, जानें पूरी डिटेल

भारत में डॉक्टर बनने का सपना देखने वाले हजारों छात्र हर साल NEET के बाद विदेशों में मेडिकल पढ़ाई का विकल्प चुनते हैं. देश में मेडिकल सीटों की सीमित संख्या और एडमिशन के कड़े मुकाबले के कारण रूस, चीन समेत कई देशों में भारतीय छात्र MBBS करने जाते हैं. हालांकि, विदेश से मेडिकल डिग्री लेने के बाद भारत में प्रैक्टिस करने के लिए FMGE परीक्षा की जरूरत पड़ सकती है. इस परीक्षा को पास करना कई छात्रों के लिए बड़ी चुनौती होती है. वहीं, कुछ देशों से मेडिकल एजुकेशन हासिल करने वाले भारतीय छात्रों को मौजूदा नियमों और एलिजिबिलिटी शर्तों के तहत FMGE से छूट मिल सकती है.
अमेरिका से मेडिकल पढ़ाई
अमेरिका में मेडिकल शिक्षा का ढांचा भारत से अलग है. यहां आमतौर पर पहले चार साल की अंडरग्रेजुएट पढ़ाई और उसके बाद चार साल का MD प्रोग्राम करना होता है. इस दौरान छात्रों को क्लिनिकल ट्रेनिंग भी दी जाती है. कुछ शर्तों के तहत अमेरिकी मेडिकल योग्यता रखने वाले छात्रों को भारत में FMGE से छूट मिल सकती है.
UK में MBBS की पढ़ाई
यूनाइटेड किंगडम में मेडिकल कोर्स आमतौर पर 5 से 6 साल का होता है. पढ़ाई के दौरान छात्रों को अस्पतालों में क्लिनिकल एक्सपीरियंस मिलता है. UK से मेडिकल डिग्री लेने वाले छात्रों के लिए भारत में अलग नियम हैं. तय शर्तें पूरी करने वाले योग्य छात्रों को FMGE से छूट मिल सकती है.
कनाडा में मेडिकल एजुकेशन
कनाडा में भी मेडिकल पढ़ाई का रास्ता अमेरिका जैसा है. आमतौर पर ग्रेजुएशन के बाद मेडिकल एडमिशन प्रक्रिया पूरी कर MD प्रोग्राम में एडमिशन लिया जाता है. यहां मेडिकल शिक्षा के साथ क्लिनिकल ट्रेनिंग पर भी जोर दिया जाता है.
ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड
ऑस्ट्रेलिया में मेडिकल कोर्स की अवधि आमतौर पर 5 से 6 साल होती है. वहीं, न्यूजीलैंड में मेडिकल पढ़ाई लगभग 6 साल की हो सकती है. दोनों देशों में छात्रों को अस्पतालों में प्रैक्टिकल ट्रेनिंग मिलती है. एलिजिबिलिटी पूरी करने वाले छात्रों के लिए इन देशों की मेडिकल डिग्री के आधार पर FMGE से छूट का प्रावधान हो सकता है.
एडमिशन से पहले नियम जरूर जांचें
विदेश में मेडिकल पढ़ाई का फैसला लेने से पहले छात्र NMC के मौजूदा नियम, डिग्री की मान्यता, कोर्स की अवधि और फीस की पूरी जानकारी जरूर लें. FMGE से छूट हर छात्र या हर विदेशी मेडिकल डिग्री पर अपने आप लागू नहीं होती. इसलिए आवेदन करने से पहले आधिकारिक नियमों और एलिजिबिलिटी शर्तों को चेक करना जरूरी है.
