कीचड़ में फंसी एंबुलेंस, EMT ने मेड़ पर कराई डिलीवरी; फिर ड्राइवर ने खुद बैलगाड़ी हांककर महिला को पहुंचाया अस्पताल

गुजरात के राजकोट में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. यहां 108 एंबुलेंस में एक महिला को डिलीवरी के लिए अस्पताल ले जाया जा रहा था. रास्ते में जलभराव और कीचड़ की वजह से एंबुंलेंस फंस गई. इतने में महिला की प्रसव पीड़ा बढ़ गई. ऐसे में एंबुलेंस में तैनात ईएमटी ने वहीं खेत के मेड़ पर ही डिलीवरी कराई. इतने में एंबुलेंस ड्राइवर पास के गांव से बैलगाड़ी मांगकर लाया और खुद हांककर महिला को अस्पताल पहुंचाया.
घटना दो दिन पहले राजकोट में वाड़ी का बताया जा रहा है. जानकारी के मुताबिक 108 एंबुलेंस के कंट्रोल रूम में एक प्रसूता के परिजनों की ओर से कॉल आई थी. इस कॉल पर ईएमटी व्योमाबेन और ड्राइवर महेश भाई वघेरा मौके पर पहुंचे और प्रसूता को लेकर अस्पताल के लिए चल दिया. अभी एंबुलेंस कुछ ही दूर चली थी कि कच्चे रास्ते पर जलभराव और कीचड़ था. इसमें एंबुलेंस फंस गई और काफी कोशिशों के बाद भी बाहर नहीं निकल सकी.
ईएमटी ने खेत में ही कराई डिलीवरी
चूंकि जैसे जैसे समय गुजर रहा था, प्रसूता का दर्द भी बढ़ता जा रहा था. ऐसे हाल में ईएमटी व्योमा बेन ने सूझबूझ से काम लिया और प्रसूता को एंबुलेंस से उतारकर खेत की मेड़ पर ही पर्दा कर सुरक्षित डिलीवरी करा दी. इतने में एंबुलेंस चालक महेशभाई वघेरा भी दौड़कर गांव में गए और किसी की बैलगाड़ी मांग कर लाए. फिर खुद बैलगाड़ी हांकते हुए जच्चा बच्चा को नजदीकी अस्पताल पहुंचाया. जहां दोनों स्वस्थ हैं.
वायरल हो रहा वीडियो
इस पूरे घटनाक्रम का एक वीडियो भी सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है. इस वीडियो में 108 एंबुलेंस के ड्राइवर महेशभाई बैलगाड़ी हांकते नजर आ रहे हैं. वहीं बैलगाड़ी में लेटी प्रसूता को व्योमा बेन संभालने की कोशिश कर रही हैं. लोगों ने इस वीडियो को देखने के बाद ड्राइवर और ईएमटी की खूब सराहना की है. हालांकि बड़ी संख्या में लोग सरकारी व्यवस्था पर सवाल भी उठाते नजर आ रहे हैं.
