15 घर, खेत और 130 बोरा विस्फोटक…सिवान में क्या चल रहा था? 5 मौतों के बाद एक्शन में पुलिस

Siwan illegal firecracker factory:बिहार के सिवान जिले में आलमपुर गांव है. यहां 23 अक्टूबर को अवैध पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट में पांच लोगों की मौत हो गई थी. इसके बाद पुलिस और प्रशासन ने गांव में सर्च ऑपरेशन चलाया, जिसमें करीब 15 घरों और आसपास के खेतों से लगभग 130 बोरा विस्फोटक सामग्री बरामद की गई. पुलिस ने पांच बंद मकानों के ताले तोड़कर भी तलाशी ली. वहीं, जिले के दूसरे इलाकों में छापेमारी के दौरान पटाखे और विस्फोटक सामग्री जब्त की गई है.
आलमपुर में विस्फोट के बाद शनिवार को पुलिस और प्रशासन की टीम ने तलाशी अभियान चलाया. इस दौरान कई घरों, बंद कमरों और खेतों में पटाखे बनाने की सामग्री मिली. आशंका है कि कार्रवाई के डर से कुछ लोगों ने रात में करीब 30 बोरा विस्फोटक सामग्री गांव के पास खेतों में फेंक दी थी. पुलिस धान के खेतों और क्षतिग्रस्त मकानों के मलबे में भी तलाशी ले रही है. बम निरोधक दस्ते की टीम को भी अभियान में लगाया गया है.
उसरी बाजार से तीन पिकअप सामग्री जब्त
आलमपुर हादसे के बाद पुलिस ने दूसरे इलाकों में भी कार्रवाई की है. एमएच नगर थाना क्षेत्र के उसरी बाजार में छापेमारी के दौरान करीब तीन पिकअप विस्फोटक सामग्री जब्त की गई. पुलिस ने राजा अली को गिरफ्तार किया है. दरौंदा थाना क्षेत्र में भी छापेमारी के दौरान दो लोगों को हिरासत में लिया गया. यहां से दो बोरा, सात कार्टन और एक झोला विस्फोटक सामग्री बरामद हुई.
वहीं, हसनपुरा में बारूद, तैयार और अर्धनिर्मित पटाखे जब्त किए गए. पतार गांव में दो घरों से 30 कार्टन पटाखे मिलने के बाद लियाकत खान और छोटेलाल को गिरफ्तार किया गया. पुलिस अब यह पता लगा रही है कि सामग्री कहां बनाई जा रही थी और इसकी सप्लाई किन इलाकों में होती थी.
विस्फोटक नष्ट करने के दौरान फिर धमाका, टीम पर पथराव
शनिवार रात भलुआरा और भदाय गांव के बीच एक खेत में जब्त विस्फोटक सामग्री नष्ट करने के दौरान तेज धमाका हुआ. घटना रात करीब 8:30 बजे की बताई गई है. धमाके की आवाज चार से पांच किलोमीटर दूर तक सुनाई देने की जानकारी सामने आई है.
इसी दौरान ग्रामीणों ने पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम पर पथराव कर दिया. इसमें फायर ब्रिगेड की गाड़ी का शीशा टूट गया. हालांकि, किसी पुलिसकर्मी के घायल होने की सूचना नहीं है. घटना के बाद पुलिस ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी.
पुश्तैनी कारोबार के नाम पर चल रहा था पटाखा निर्माण?
ग्रामीणों के मुताबिक, आलमपुर में कई परिवार लंबे समय से पटाखे बनाने का काम करते रहे हैं. शादी-विवाह और दीपावली के दौरान इसकी मांग बढ़ जाती है. हालांकि, अब जांच का अहम पहलू यह है कि पटाखा निर्माण और भंडारण जरूरी लाइसेंस और सुरक्षा नियमों के तहत हो रहा था या नहीं.
जिलाधिकारी के निर्देश पर सिवान, भगवानपुर हाट, बसंतपुर, हुसैनगंज, गुठनी और मैरवा समेत कई इलाकों में जांच के निर्देश दिए गए हैं. पुलिस लाइसेंस, भंडारण और निर्माण से जुड़े नियमों की पड़ताल कर रही है.
पांच लोगों की मौत, एक महिला अब भी लापता
23 अक्टूबर को जामो थाना क्षेत्र के आलमपुर गांव में कथित अवैध पटाखा फैक्ट्री में हुए विस्फोट में कम से कम पांच लोगों की मौत हो गई थी. धमाके से मकान क्षतिग्रस्त हो गए थे. मृतक अमीरुद्दीन की बहू का अब तक पता नहीं चल पाया है और उसकी तलाश जारी है.
आलमपुर में 130 बोरा विस्फोटक सामग्री मिलने और जिले के अन्य इलाकों में लगातार छापेमारी से अवैध पटाखा कारोबार की व्यापकता को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं. अब जांच एजेंसियों के सामने यह पता लगाने की चुनौती है कि रिहायशी इलाकों में इतनी बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री कैसे जमा हुई और इसकी निगरानी में कहां चूक हुई.
