Ajab Gajab! इस देश में टॉयलेट सीट की होती है पूजा, सिर झुकाकर मांगते हैं दुआ

Ajab Gajab! दुनिया में परंपराओं की कोई कमी नहीं है, लेकिन कुछ रस्में ऐसी होती हैं, जिनके बारे में सुनकर कानों पर यकीन करना मुश्किल हो जाता है. क्या आपने कभी सोचा है कि जिस टॉयलेट को हम गंदगी से जोड़ते हैं, कोई उसके सामने हाथ जोड़कर खड़ा हो सकता है. आप माने या न माने, पर चीन (China) के कुछ हिस्सों में ऐसी ही एक परंपरा है, जहां लोग टॉयलेट सीट के सामने न सिर्फ अपना सिर झुकाते हैं, बल्कि पूजा-पाठ भी करते हैं. आइए जानते हैं इस अनोखे परंपरा के बारे में.
चीन के ग्रामीण इलाकों में लैंटर्न फेस्टिवल (Lantern Festival) के दौरान रात में एक बेहद विचित्र दृश्य देखने को मिलता है. यहां महिलाएं हाथ में अगरबत्ती लेकर टॉयलेट पहुंचती हैं, और वहां टॉयलेट सीट की पूजा करती हैं. साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, इस परंपरा को ‘जिगु देवी’ (Zigu Godess) की पूजा कहा जाता है. इन्हें ‘टॉयलेट देवी’ (Toilet Goddess) के रूप में भी जाना जाता है. लैंटर्न फेस्टिवल, चीनी लूनर कैलेंडर के पहले महीने के 15वें दिन मनाया जाता है, जो चीनी वसंत महोत्सव (Chinese Spring Festival) के बाद पहला प्रमुख त्योहार है.
रिपोर्ट के मुताबिक, इस अनोखे रस्म के पीछे एक रोंगटे खड़े कर देने वाली लोककथा है. ऐसी मान्यता है कि सदियों पहले जिगु नाम की एक महिला की टॉयलेट के पास बेरहमी से हत्या कर दी गई थी. जिसके बाद लोगों ने उसकी आत्मा को शांत करने और उसे सम्मान देने के लिए उसे देवी का दर्जा दे दिया. धीरे-धीरे जिगु को रक्षक और देवी स्वरूप माना जाने लगा. ये भी पढ़ें: कोबरा के ‘सुपर विलेन’; 6 ऐसे जीव, जिनमें ‘नागराज’ को नजर आते हैं ‘यमराज’
यह रस्म केवल हाथ जोड़ने तक ही सीमित नहीं है, बल्कि महिलाएं यहां अपना भविष्य जानती हैं. वे टॉयलेट की सफाई करके वहां एक छोटा पुतला रखती हैं. फिर धूप-अगरबत्ती जलाकर खेती, शादी और स्वास्थ्य से जुड़े सवाल पूछे जाते हैं. ऐसी मान्यता है कि अगर पुतला जरा सा भी हिल जाए, तो उसे देवी का हां या कोई संकेत माना जाता है. भले ही विज्ञान इसे अंधविश्वास कहे, पर यहां के लोगों के लिए यह आस्था और सफाई का एक अनोखा संगम है. ये भी पढ़ें: करोड़ों का पैकेज और US में 4BHK बंगला छोड़ा, अब सड़कों पर क्यों ‘भटक’ रहा है यह IITian परिवार?