UGC-NET विवाद के बाद NTA का बड़ा एक्शन, 50 से ज्यादा कर्मचारी हटाए

यूजीसी-नेट जून 2026 की परीक्षा में प्रश्नपत्रों से जुड़ी गड़बड़ियों के बाद नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने बड़ा प्रशासनिक बदलाव किया है. एजेंसी ने 50 से ज्यादा कर्मचारियों को हटाने के साथ ही कई अहम पदों पर नए पेशेवरों की नियुक्ति शुरू कर दी है. यह कदम अंग्रेजी, कॉमर्स और सोशियोलॉजी विषयों की दोबारा परीक्षा कराने के फैसले के बाद उठाया गया है. दोबारा परीक्षा के ऐलान के बाद छात्र संगठनों और विपक्षी दलों ने NTA की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए प्रदर्शन किए और एजेंसी को जवाबदेह बनाने की मांग की. सरकार ने परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए कई सख्त निर्देश भी दिए हैं.
50 से ज्यादा कर्मचारियों पर कार्रवाई
शिक्षा मंत्रालय के मुताबिक, NTA ने व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए 50 से अधिक कर्मचारियों को हटाया है. इसके साथ ही मुख्य प्रौद्योगिकी अधिकारी (CTO), मुख्य वित्त अधिकारी (CFO), मुख्य सूचना सुरक्षा अधिकारी (CISO), परीक्षा सुरक्षा के महाप्रबंधक और रिसर्च एंड डेवलपमेंट व साइकोमेट्रिक्स से जुड़े पदों समेत 10 प्रमुख पदों पर भर्ती शुरू की गई है.
NTA साइबर सुरक्षा, प्रश्नपत्र तैयार करने और साइकोमेट्रिक्स जैसे क्षेत्रों में निजी क्षेत्र के विशेषज्ञों को भी शामिल करेगा. एजेंसी का कहना है कि परीक्षा प्रक्रिया में खामियों की समीक्षा की जा रही है ताकि आगे परीक्षाएं ज्यादा सुरक्षित और पारदर्शी तरीके से कराई जा सकें.
परीक्षा व्यवस्था में होंगे बड़े बदलाव
शिक्षा मंत्री की बैठक में परीक्षा के गोपनीय संचालन, सुरक्षित कमरों, एयर-गैप्ड कंप्यूटर सिस्टम और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जमा कराने जैसी प्रक्रियाओं में बदलाव पर जोर दिया गया. NTA को सभी परीक्षा प्रक्रियाओं का व्यापक ऑडिट कराने और सुधार कदमों की रिपोर्ट देने के निर्देश भी दिए गए हैं.
UGC-NET जून 2026 की परीक्षा 22 से 30 जून के बीच 87 विषयों के लिए हुई थी. अब अंग्रेजी और कॉमर्स की दोबारा परीक्षा 9 सितंबर, जबकि सोशियोलॉजी की परीक्षा 10 सितंबर को होगी. यह परीक्षा JRF, असिस्टेंट प्रोफेसर की एलिजिबिलिटी और PhD में एडमिशन के लिए आयोजित की जाती है.
छात्र संगठनों ने किया विरोध
दोबारा परीक्षा के फैसले के बाद NSUI, SFI, AISA और KYS समेत कई छात्र संगठनों ने दिल्ली में प्रदर्शन किया. इन संगठनों ने NTA को जवाबदेह बनाने और परीक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग की. ABVP ने भी छात्रों के भविष्य से किसी तरह का समझौता नहीं करने की बात कही.
विपक्ष ने भी सरकार पर निशाना साधा है. कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने NTA के नेतृत्व को जवाबदेह ठहराने की मांग की. वहीं, आम आदमी पार्टी ने कहा कि परीक्षा संबंधी गलतियों का असर छात्रों के समय, पैसे और करियर पर पड़ रहा है.
