जेफरीज का इस होटल शेयर पर बड़ा दांव, 15% की तेजी का अनुमान, दिया नया टारगेट

Chalet Hotels Share Price: शेयर बाजार में पिछले कुछ समय से कई हॉस्पिटैलिटी स्टॉक्स पर सुस्ती का माहौल देखने को मिला है. इसी बीच शैले होटल्स (Chalet Hotels) के शेयरों ने भी इस साल निवेशकों को निराश किया है. साल की शुरुआत से अब तक (YTD) इस शेयर में 7 फीसदी से ज्यादा की गिरावट दर्ज की जा चुकी है. नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर ये शेयर 834.90 रुपये के स्तर पर कारोबार कर रहा है. इस दबाव के बावजूद दिग्गज ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म जेफरीज इंडिया ने इस स्टॉक पर भरोसा जताया है. ब्रोकरेज ने शैले होटल्स को ‘Buy’ टैग देते हुए 965 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है. ब्रोकरेज का मानना है कि मौजूदा स्तर से ये शेयर करीब 15 फीसदी तक की बढ़त दिखा सकता है.
अगले 5 साल के लिए कंपनी का बड़ा रोडमैप
जेफरीज इंडिया की टीम ने सिंगापुर में शैले होटल्स के सीनियर मैनेजमेंट से मुलाकात की थी. इस बैठक के बाद ब्रोकरेज ने कंपनी के भविष्य को लेकर सकारात्मक नजरिया पेश किया है. ब्रोकरेज के मुताबिक, आने वाले 5 सालों में कंपनी की ग्रोथ काफी मजबूत रहने की उम्मीद है. कंपनी अपने कमरों की क्षमता (Keys) को सालाना 9 से 10 फीसदी की दर से बढ़ाने की तैयारी में है. इसके अलावा नए प्रोजेक्ट्स के अधिग्रहण (M&A) पर भी फोकस रहेगा.
कंपनी अपने खुद के ब्रांड ‘अथिवा’ (Athiva) को देश भर में एक प्रीमियम हॉस्पिटैलिटी ब्रांड के तौर पर स्थापित करना चाहती है, जिसके तहत 1,200 से 1,500 कमरे जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है. कंपनी अब बिजनेस होटल्स के साथ-साथ छुट्टियों वाले यानी लीजर होटल्स पर भी ध्यान दे रही है. कंपनी का कुल डेवलपमेंट पाइपलाइन 2,036 कमरों का है, जिसमें हाल ही में पुणे व हैदराबाद में जोड़े गए करीब 380 कमरे भी शामिल हैं. मैनेजमेंट को उम्मीद है कि रेवेन्यू पर अवेलेबल रूम (RevPAR) में सिंगल डिजिट की अच्छी बढ़त होगी, जिससे कुल रेवेन्यू ग्रोथ 15 फीसदी के आसपास रह सकती है.
कमर्शियल रियल एस्टेट से मजबूत कैश फ्लो
होटल कारोबार में अक्सर मांग के उतार-चढ़ाव का खतरा बना रहता है. ऐसे में शैले होटल्स का कमर्शियल रियल एस्टेट पोर्टफोलियो कंपनी के लिए ढाल का काम कर रहा है. रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी के कमर्शियल रियल एस्टेट बिजनेस से सालाना लगभग 250 से 300 करोड़ रुपये का एबिटा (EBITDA) मिल रहा है.
ये लगातार आने वाला कैश फ्लो कंपनी की आय को स्थिरता देता है. इससे कंपनी को अपना कर्ज चुकाने में आसानी होती है. साथ ही नए होटलों के विस्तार के लिए जरूरी पूंजी भी यहीं से मिल जाती है. नतीजतन कंपनी को होटल सेक्टर के उतार-चढ़ाव वाले चक्र पर पूरी तरह निर्भर नहीं रहना पड़ता है.
उत्तर भारत में विस्तार, बड़े ब्रांड्स से साझेदारी
कंपनी अब सिर्फ पश्चिमी भारत तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि नए इलाकों में भी पैर पसार रही है. शैले होटल्स ने अरावली, हिमालय और उदयपुर में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई है. इसके साथ ही दिल्ली एयरपोर्ट पर एक नया ताज होटल तैयार हो रहा है, जिसकी शुरुआत पहले चरण में करीब 70 कमरों के साथ होगी.
इसके अलावा अगले 18 से 24 महीनों में दक्षिण गोवा में अथिवा होटल शुरू करने की योजना है, जिसकी जरूरी मंजूरियां जनवरी 2027 तक मिलने की उम्मीद है. कंपनी सिर्फ नए होटल बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि फ्रेंचाइज मॉडल पर भी काम कर रही है. मैरियट के ऑटोग्राफ कलेक्शन और इंडियन होटल्स कंपनी (IHCL) के ताज ब्रांड के साथ इसकी पार्टनरशिप कंपनी की बढ़ती साख को दर्शाती है.
निवेशक इन बातों का रखें ध्यान
भले ही जेफरीज ने इस शेयर में 15 फीसदी तेजी का अनुमान लगाया है, लेकिन निवेशकों को कुछ बड़े जोखिमों से भी सावधान किया गया है. ब्रोकरेज के मुताबिक, घरेलू या वैश्विक अर्थव्यवस्था में मंदी आने पर होटल इंडस्ट्री पर सीधा असर पड़ सकता है.
इसके अलावा महामारी जैसी किसी स्वास्थ्य आपदा की वापसी होने पर यात्रा और पर्यटन कारोबार तुरंत प्रभावित हो सकता है. तीसरा बड़ा जोखिम कंपनी का मॉडल है. शैले होटल्स 100 फीसदी एसेट ओनरशिप मॉडल पर काम करती है, यानी संपत्ति की पूरी मालिक खुद कंपनी होती है. जब बाजार में मंदी का दौर आता है, तो इस मॉडल में नुकसान का असर काफी बड़ा हो जाता है.
