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सरकारी टीचरों को राजस्थान के शिक्षा मंत्री की चेतावनी-छात्रों के कम नंबर आए तो होगी कार्रवाई

सरकारी टीचरों को राजस्थान के शिक्षा मंत्री की चेतावनी-छात्रों के कम नंबर आए तो होगी कार्रवाई

राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने सरकारी शिक्षकों को अपने बच्चों को सरकारी स्कूलों में न पढ़ाने को लेकर जमकर खरी-खोटी सुनाई. उन्होंने कहा कि शिक्षक अपने बच्चों को सरकारी स्कूलों में इसलिए नहीं पढ़ाते क्योंकि उनको खुद पढ़ाना ही नहीं आता. उनको अपने पढ़ाने पर भरोसा ही नहीं है और वो बस फ्री की तनख्वाह ले रहे हैं. इसके साथ ही मंत्री ने सरकारी स्कूलों के शिक्षकों को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर कोई भी छात्र 80 में से 40 अंक लाता है तो ऐसे में शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.

शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने रविवार (28 जून) को टोंक में खटीक समाज के प्रतिभा सम्मान समारोह के दौरान कहा कि छात्रों के कम अंक आने पर शिक्षकों से पूछताछ की जाएगी, उनके इन्क्रीमेंट को रोका और दूरदराज के स्थानों पर तबादला किया जा सकता है. उन्होंने शिक्षकों पर तंज कसते हुए कहा कि 80 में से 13 नंबर आने पर भी मास्टर साहब कॉलर ऊपर करके 100 फीसदी रिजल्ट देने का दावा करते हैं. जबकि 80 में से 13 नंबर लाने वाला छात्र फेल होता है.

निजी स्कूलों में बच्चों को पढ़ाने पर भड़के मंत्री

मंत्री ने कहा कि जो सरकारी शिक्षक अपने बच्चों को निजी स्कूल में पढ़ा रहे हैं वो निकम्मापन कर रहे हैं. इसका मतलब है कि उन्हें पढ़ाना नहीं आता. वो फ्री का वेतन ले रहे हैं. उन्होंने शिक्षकों से साफ कहा कि अगर उन्हें इस श्रेणी में नहीं आना है तो वो अपने बच्चों को सरकारी स्कूलों में डाल दें.

‘गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा देना जरूरी’

शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने ने कहा कि अध्यापक मुझसे इन दिनों बेहद नाराज हैं क्योंकि वो सोचते हैं कि शिक्षा मंत्री पता नहीं कौन-कौन से नियम लाते हैं. कभी फोन लाने पर बैन, तो कभी कम अंक लाने पर नियम बनाते हैं और कभी -कभी तो शराब और गुटखा खाकर आने वालों की लिस्ट भी बनवाते हैं. उन्होंने कहा कि शिक्षक चाहे कुछ भी मेरे बारे में सोचें लेकिन विद्यार्थियों को मूल्यवान और गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा देना अब जरूरी हो गया है.

‘छात्रों पर पड़ता है शिक्षकों के व्यवहार का असर’

मंत्री ने स्कूल में शिक्षकों के व्यवहार को मर्यादित ओर संस्कारी बनाने पर जोर देते हुए कहा कि शिक्षक किधर देख रहा, क्या कर रहा. इन सबका बच्चों पर प्रभाव पड़ता है. उन्होंने कहा कि इसी कारण हम गुटखा खाने वाले और शराब पीने वाले शिक्षकों की सूची बना रहे हैं, ये सूचियां बन रही हैं, इसके बाद बताएंगे कि हम क्या करेंगे. उन्होंने कहा कि हमनें सभी अधिकारियों से कहा है कि राजस्थान साफ सुथरा दिखना चाहिए. इसमें जो लापरवाही करेगा, उसे एक बार तो चेतावनी देंगे और दूसरी बार छोड़ेंगे नहीं. चाहे किसी भी समाज का हो, किसी को छोड़ेंगे नहीं, कार्रवाई करेंगे.

‘मैं किसी को छोड़ता नहीं हूं’

उन्होंने आगे कहा कि हम छोटी सी छोटी पंचायत को साफ सफाई के लिए प्रति माह एक लाख रुपए देते हैं, अगर कोई पंचायतें नहीं करती हैं तो हम उन्हें दंडित भी करते हैं. उन्होंने कहा कि कई बार मंत्री कन्हैया लाल जी, जिलाध्यक्ष चंद्रवीर जी नाराज हो जाते और कहते हैं कि ये तो हमारी पार्टी का सरपंच था क्यों कार्रवाई कर दी, मामाजी का लड़का था क्यों कार्रवाई कर दी. इसके खिलाफ कार्रवाई क्यों कर दी, लेकिन मैं किसी को छोड़ता नहीं हूं, गंदगी ठीक नहीं है.

‘शिक्षा के क्षेत्र में अब बदलाव हो रहें हैं’

शिक्षा मंत्री ने कहा कि राजस्थान में शिक्षा क्षेत्र में अब बदलाव भी हो रहें हैं. उन्होंने कहा कि 3 साल पहले शिक्षा के स्तर में राजस्थान देश में 14वें पायदान पर था लेकिन अब राजस्थान 4 नंबर पर आ गया है. उन्होंने कहा कि पहली बार सरकारी स्कूल के बच्चों ने टॉप किया है. वहीं प्राइवेट स्कूलों के बच्चे पीछे रह गए. उन्होंने कहा कि अब निजी स्कूलों के मुकाबले सरकारी स्कूलों में भी अच्छी पढ़ाई होती है, मैं गारंटी देता हूं. उन्होंने कहा कि वो दिन गुजर गए जब निजी स्कूल बहुत आगे हुआ करते थे,अब वो दिन आ गए है जहां सरकारी स्कूल बहुत आगे हैं.

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