कपूर खानदान का वो वारिस जिसने 6 दशक पहले National Award लेने से मना कर दिया था, हैरान कर देगी वजह

Kapoor Family National Awards History: हाल ही में नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स वितरण हुआ. इस दौरान 2024 की शानदार परफॉर्मेंस के लिए स्टार्स को देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा सम्मानित किया गया. वहीं अनंत नाग को राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार के 72वें संस्करण में दादा साहेब फाल्के अवॉर्ड से नवाजा गया. सभी इस अवॉर्ड को पार बेहद गौरवान्वित और खुश नजर आए. राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार का अपना एक बड़ा इतिहास रहा है. कई कलाकारों को अब तक सम्मानित किया जा चुका है. इसे कला के क्षेत्र में कुछ लोग भारत का ऑस्कर्स भी मानते हैं.
कई बड़े कलाकार ऐसे भी रहे हैं जिन्हें ताउम्र नेशनल अवॉर्ड नहीं मिल सका. तो कुछ कलाकार ऐसे भी रहे हैं जिन्होंने कड़ी मेहनत के बाद और लगातार सब्र के बाद ये सम्मान हासिल किया. जैसे शाहरुख खान को उनके साढ़े 3 दशक लंबे करियर में ये अवॉर्ड अब जाकर मिला. 2023 की फिल्म जवान के लिए राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार के 71वें संस्करण में उन्हें ये अवॉर्ड मिला. कपूर खानदान के भी कई सारे कलाकार ये अवॉर्ड पा चुके हैं. लेकिन कपूर खानदान का एक वारिस ऐसा भी रहा है जिसने एक दफा नेशनल अवॉर्ड को लेने से मना कर दिया था. आज बात करते हैं शशि कपूर के उस किस्से की जब उन्होंने नेशनल अवॉर्ड को ठुकरा दिया था. हालांकि करियर के बाद में उन्हें इस अवॉर्ड से कई बार सम्मानित किया गया और उन्होंने लिया भी.
शशि कपूर ने जब ठुकरा दिया था नेशनल अवॉर्ड
बात 6 दशक पुरानी है. साल 1961 में यश चोपड़ा ने धर्मपुत्र नाम की फिल्म बनाई थी. ये फिल्म खुद यश चोपड़ा की दूसरी डायरेक्शनल फिल्म थी. वहीं धर्मपुत्र भी शशि कपूर के करियर की लीड एक्टर के तौर पर पहली फिल्म थी. सोसियो-पॉलिटिकल सेनारियो पर बनी इस फिल्म को बेस्ट फीचर फिल्म के नेशनल अवॉर्ड से नवाजा गया था. वहीं दूसरी तरफ फिल्म को बेस्ट डायलॉग्स का भी नेशनल अवॉर्ड मिला था. फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बहुत बेहतर परफॉर्म नहीं कर सकी थी. हालांकि इस फिल्म ने एक और बात से सभी का ध्यान खींचा था. फिल्म के लिए डेब्यूटेंट एक्टर शशि कपूर को नेशनल अवॉर्ड से नवाजा जा रहा था. लेकिन उन्होंने ये अवॉर्ड लेने से मना कर दिया था. राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार के इतिहास में ना तो पहले ऐसा देखा गया ना तो बाद में.
धर्मपुत्र फिल्म से शशि कपूर का स्टिल
आखिर क्यों शशि कपूर ने ठुकराया था नेशनल अवॉर्ड?
शशि कपूर उस दौरान इंडस्ट्री में नए थे. हालांकि चाइल्ड एक्टर के तौर पर वे काम कर चुके थे और उनके अभिनय को सराहा भी गया था. थिएटर के प्रति भी उनका लगाव उल्लेखनीय था. धर्मपुत्र फिल्म में उन्होंने दिलीप राय का लीड रोल प्ले किया था. इसी रोल के लिए उन्हें नेशनल अवॉर्ड दिया जा रहा था. लेकिन एक्टर ने ये कहते हुए अवॉर्ड लेने से मना कर दिया था कि वे अपनी इस परफॉर्मेंस को नेशनल अवॉर्ड के लायक नहीं समझते हैं. इसलिए बड़ी शालीनता के साथ उन्होंने ये अवॉर्ड लेने से मना कर दिया था.
बाद में शशि कपूर ने जीते कई नेशनल अवॉर्ड
शशि कपूर सिर्फ कपूर खानदान के ही नहीं बल्कि फिल्म इंडस्ट्री के भी सबसे काबिल एक्टर्स में से एक माने जाते हैं. उन्होंने अपने करियर के दौरान कई सारी फिल्मों में काम किया और थिएटर्स से भी जुड़े रहे. उन्हें भारत सरकार द्वारा पद्मभूषण से सम्मानित किया गया. इसके अलावा उन्हें दादा साहेब फाल्के अवॉर्ड से भी नवाजा गया. इसके बाद साल 1978 की फिल्म जुनून के लिए उन्हें बेस्ट प्रोड्यूसर के नेशनल अवॉर्ड से नवाजा गया था. वहीं साल 1986 में न्यू दिल्ली टाइम्स के लिए उन्हें बेस्ट एक्टर के नेशनल अवॉर्ड से नवाजा गया था. इसके अलावा उन्हें इन कस्टडी फिल्म के लिए बेस्ट एक्टर के स्पेशल ज्यूरी अवॉर्ड से नवाजा गया था. उन्हें दीवार फिल्म के लिए बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर के फिल्मफेयर अवॉर्ड से नवाजा गया. वहीं अपने सराहनीय काम के लिए उन्हें लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड से भी सम्मानित किया गया.
