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खोले जा रहे जम्मू में सलाल-बगलिहार डैम के गेट, चिनाब नदी का बढ़ेगा जलस्तर; पाकिस्तान पर क्या होगा असर?

खोले जा रहे जम्मू में सलाल-बगलिहार डैम के गेट, चिनाब नदी का बढ़ेगा जलस्तर; पाकिस्तान पर क्या होगा असर?

Chenab River Reasi Advisory: जम्मू-कश्मीर के रियासी जिला प्रशासन ने चिनाब नदी के जलस्तर को लेकर एडवाइजरी जारी की है. प्रशासन ने बताया कि सलाल पावर स्टेशन (ज्योतिपुरम) और बगलिहार डैम (रामबन) में जलाशय से जमा गाद (रिजर्वायर सिल्ट फ्लशिंग) निकालने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है. इस दौरान चिनाब नदी का जलस्तर अचानक बढ़ सकता है. ऐसे में लोगों से नदी के किनारे जाने, राफ्टिंग करने और अन्य गतिविधियों से दूर रहने की अपील की गई है.

प्रशासन के अनुसार, बगलिहार डैम में ड्रॉडाउन फ्लशिंग शुरू हो चुकी है. वहीं सलाल डैम के स्पिलवे गेट 17 जुलाई सुबह 9 बजे से 26 जुलाई तक सिल्ट फ्लशिंग के लिए खोले जाएंगे. इस प्रक्रिया के दौरान जलाशय में वर्षों से जमा गाद को बाहर निकाला जाएगा, जिससे नदी के जलस्तर में अचानक वृद्धि हो सकती है.

सलाल डैम क्यों है खास?

बगलिहार डैम में समय-समय पर फ्लशिंग की प्रक्रिया पहले भी अपनाई जाती रही है, लेकिन सलाल डैम का मामला अलग रहा है. लंबे समय तक सिंधु जल संधि के प्रावधानों के कारण सलाल डैम में नियमित सिल्ट फ्लशिंग नहीं हो पाती थी. भारत का कहना रहा है कि संधि के कारण जलाशय में जमा गाद निकालने पर व्यावहारिक सीमाएं थीं, जिससे डैम की भंडारण क्षमता और संचालन प्रभावित होता था.

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अब भारत द्वारा सिंधु जल संधि को निलंबित किए जाने के बाद सलाल डैम में सिल्ट निकालने का काम तेज किया गया है. इसी क्रम में एक बार फिर स्पिलवे गेट खोलकर जलाशय की सफाई की जा रही है.

इन इलाकों के लिए अलर्ट

प्रशासन ने चेतावनी दी है कि फ्लशिंग के दौरान चिनाब नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ सकता है. इसका असर सलाल डैम के अपस्ट्रीम और डाउनस्ट्रीम के कई गांवों पर पड़ सकता है. इनमें धरान, थनपाल, अमास, साई लंजन, नर्दू, गरी, सालमोट, गुज्जर कोठी, सैद बाबा, बिड्डा, कच्छी खेड़ा, तलवाड़ा, नंबला, विजयपुर, बारा दरी, पट्टा, कंसी पट्टा, जेधली, पनासा, बड्डेर, चुम्बियां, डेरा बाबा बंदा बहादुर और सेरी जैसे क्षेत्र शामिल हैं.

Jammu Dam

लोगों के लिए क्या हैं निर्देश?

16 जुलाई रात 10 बजे से 26 जुलाई तक लोगों को चिनाब नदी के किनारे जाने, राफ्टिंग करने, मछली पकड़ने, मवेशियों को नदी के पास ले जाने और नदी के आसपास अनावश्यक आवाजाही से बचने की सलाह दी गई है. पुलिस, एसडीआरएफ, राजस्व विभाग और ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारियों को नदी किनारे निगरानी रखने और लोगों को लगातार सतर्क करने के निर्देश दिए गए हैं.

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क्या पाकिस्तान पर भी पड़ सकता है असर?

चिनाब नदी आगे चलकर पाकिस्तान में प्रवेश करती है. ऐसे में सिल्ट फ्लशिंग के दौरान यदि बड़ी मात्रा में पानी और गाद छोड़ी जाती है तो पाकिस्तान के चिनाब बेसिन से जुड़े कुछ निचले इलाकों में जलस्तर बढ़ सकता है. हालांकि, वास्तविक प्रभाव इस बात पर निर्भर करेगा कि फ्लशिंग के दौरान कितना पानी छोड़ा जाता है, उस समय मौसम की स्थिति कैसी रहती है और पाकिस्तान के हिस्से में नदी का प्राकृतिक प्रवाह कितना होता है. जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे जारी एडवाइजरी का पालन करें और अपनी सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए चिनाब नदी के किनारे जाने से पूरी तरह बचें.

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