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जाना तो है ही, कल का कुछ पता नहीं…. अपने अंतिम कार्यक्रम में बोले थे नाना पाटेकर, मनोहर पर्रिकर को ऐसे किया याद

जाना तो है ही, कल का कुछ पता नहीं…. अपने अंतिम कार्यक्रम में बोले थे नाना पाटेकर, मनोहर पर्रिकर को ऐसे किया याद

दिग्गज एक्टर नाना पाटेकर अब हमारे बीच नहीं रहे. 4 अक्टूबर को वह गोवा के डोना पाउला स्थित ताज सिदादे में एक कार्यक्रम में शामिल हुए थे. मंच पर महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत जैसे कई बड़े दिग्गज मौजूद थे. कार्यक्रम में नाना ने कहा, ‘प्रमोद सावंत, मुझे नहीं पता प्रमोद तुम कैसे हो, तुम्हारे पिताजी के समय में… पर्रिकर… मनोहर पर्रिकर ये मेरे दोस्त थे. ऐसे दोस्त पर गर्व होना चाहिए. और वो मेरा दोस्त था. अरे-तू वाला दोस्त. उम्र में मुझसे छोटा था. मैं अब 77 पूरे कर चुका हूं और 78वां शुरू होगा. लेकिन उसका बड़प्पन इतना था कि उसकी तरफ ऐसे ही देखना पड़ता था. हमारा नसीब है कि हमारे यहां ऐसा इंसान पैदा हुआ और उसने वो ऐसा देखा, उसे ऐसा करने का मन किया.’

नाना ने आगे कहा, ‘कपड़े पहने जैसे जीने वाले ये लोग हैं. इतने से समय में इतना कुछ करके जाना. वो पूरा गैस का सिलेंडर लेकर ऐसा करके फिर से उस पुल पर जाकर वो करवा लेना, जुनून होना चाहिए. जाना तो है ही, मैं भी कल हूं और कुछ पता नहीं, तुम… हर किसी की जिंदगी में वो एक वक्त आएगा ही, पर उससे पहले जो मुझे करना है क्या मैं वो कर पा रहा हूँ? क्या मैंने कोशिश की? अगर मैं सिर्फ अपने तक ही सीमित हूँ, मेरे बच्चे, मेरी बीवी, मेरा घर, बस इतने तक ही जीना है तो फिर…’

जमीन पर बैठकर शामेल बजाया

4 अक्टूबर की शाम नाना पाटेकर अपने सादगी भरे अंदाज में नजर आए. सफेद कुर्ता-पायजामा पहने नाना ने कंधे पर गमछा रखा था. नाना ने गोवा की समृद्ध संगीत परंपरा का हिस्सा बनते हुए वहां का पारंपरिक ताल वाद्ययंत्र शामेल बजाने में भी हाथ आजमाया. जब मंच पर गोवा के स्थानीय लोक कलाकारों ने पारंपरिक संगीत की धुन छेड़ी, तो नाना खुद को रोक नहीं पाए. वे मंच पर पहुंचे और कलाकारों के साथ कदम से कदम मिलाकर गोवा का मशहूर पारंपरिक दीवली लोकनृत्य करने लगे.

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