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फास्ट ट्रैक कोर्ट, पेपर लीक पर सख्त कानून का भरोसा… मोदी सरकार ने छात्रों के हित में लिए ये बड़े फैसले

फास्ट ट्रैक कोर्ट, पेपर लीक पर सख्त कानून का भरोसा… मोदी सरकार ने छात्रों के हित में लिए ये बड़े फैसले

पेपर लीक मसले पर महीने भर से दिल्ली के जंतर-मंतर पर जारी छात्रों के आंदोलन के बीच केंद्र सरकार अब इस मामले में बेहद सक्रिय हो गई है. खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कल गुरुवार को इस मसले पर चंद घंटों के अंदर 2 ऐसे सख्त मैसेज किए जो यह बताती है कि सरकार पेपर लीक से जुड़े मामले को कितनी गंभीरता से ले रही है. साथ ही इस मसले पर तेजी से कार्रवाई भी शुरू हो गई है.

पीएम मोदी ने कल गुरुवार को सुबह पोस्ट कर ऐलान किया कि इस गंभीर केस के त्वरित निस्तारण के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट्स का गठन किया जाएगा. साथ ही इसके लिए जरूरी निर्देश भी दे दिए गए हैं.

कैबिनेट बैठक में आज सख्त कानून पर चर्चा

फिर देर रात अपने एक वीडियो पोस्ट में पीएम मोदी ने बताया कि शुक्रवार को कैबिनेट की बैठक होनी है जिसमें पेपर लीक के खिलाफ सख्त प्रावधानों से जुड़े एक बिल पर चर्चा की जाएगी.

उन्होंने यह भी बताया कि शुक्रवार को होने वाली इस कैबिनेट बैठक में पेपर लीक से जुड़े मुद्दों पर मंथन किया जाएगा और कैबिनेट के सहयोगियों के सुझावों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी. फिर अगले हफ्ते सोमवार को मानसून सत्र के दूसरे हफ्ते में यह सख्त प्रावधानों वाला बिल पेश किया जाएगा. उन्होंने यह भरोसा भी दिलाया कि इसे जल्द से जल्द पास कराने की कोशिश की जाएगी.

हड़ताल खत्म कराने के लिए 2 केंद्रीय मंत्री

जंतर-मंतर पर जारी छात्रों के आंदोलन के बीच मोदी सरकार भी पर्दे के पीछे से इस मसले पर फास्ट ट्रैक मोड पर काम कर रही थी. कल एक ही दिन में पीएम मोदी के 2 अहम पोस्ट के अलावा सरकार की ओर से जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की 25 दिनों से चली आ रही भूख हड़ताल को खत्म कराने की कोशिशें भी जारी रही.

मेदांता में भर्ती वांगचुक की भूख हड़ताल को खत्म कराने को लेकर 2 केंद्रीय मंत्री अस्पताल पहुंचे. मोदी सरकार की ओर से भेजे गए जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह कल गुरुवार रात को वांगचुक से मिले और उन्हें मनाने में कामयाब रहे. सरकार की ओर से उन्हें पेपर लीक से जुड़े कई मामलों पर लिखित आश्वासन दिया गया. इसके बाद उन्होंने जूस पीकर अपना अनशन खत्म किया.

वांगचुक को लेकर PM मोदी का पोस्ट

वांगचुक के अनशन खत्म करने के बाद पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पर एक और पोस्ट किया, जिसमें उन्होंने सोनम के जल्द स्वस्थ होने की कामना के साथ यह अनुरोध भी किया कि वह डॉक्टरों की सलाह के अनुसार अपनी दिनचर्या रखें. जल्द से जल्द अपना पुराना वजन फिर से हासिल करें.

सरकार यहीं तक नहीं रुकी और उसकी ओर से कई अहम फैसले भी लिए गए. दिल्ली पुलिस के अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (एडीसीपी) संदीप लांबा को प्रदर्शन स्थल की ड्यूटी से हटा दिया गया है. उन्हें वापस उनके मूल तैनाती वाली जगह पर भेज दिया गया है. साथ ही उच्च शिक्षा विभाग के सचिव विनीत जोशी को भी तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया है.

पुलिस अफसर पर भी सरकार की कार्रवाई

कॉकरोच जनता पार्टी, छात्रों और कई अलग-अलग संगठनों ने 20 जुलाई को ‘संसद चलो’ मार्च का आह्वान किया था. लेकिन संसद की ओर जाने के दौरान प्रदर्शनकारियों को वहां जाने से रोका गया जिससे स्थिति हिंसक हो गई. पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज भी किया.

इसी दौरान एडीसीपी संदीप लांबा एक वायरल वीडियो में एक महिला प्रदर्शनकारी को थप्पड़ मारते दिखे. ऐसे में लोगों का गुस्सा भड़क गया. कोर्ट में भी इसकी शिकायत की गई. लेकिन अब उन्हें यहां से हटा दिया गया है.

शिक्षा विभाग के सचिव जोशी का ट्रांसफर

देर रात सरकार की ओर से जारी नोटिस में कहा गया, उच्च शिक्षा विभाग के सचिव विनीत जोशी को उनके पद से हटा दिया गया है. उन्हें पंचायती राज मंत्रालय भेज दिया गया है. जोशी की नरेश गंगवार को उच्च शिक्षा विभाग का नया सचिव नियुक्त किया गया है.

संसद में चर्चा को तैयार, विपक्ष का इनकार

दूसरी ओर, सरकार संसद में चर्चा को तैयार है, लेकिन विपक्ष शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफे की मांग पर अड़ा हुआ है. भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस पर पलटवार करते हुए कहा कि एनडीए सरकार पेपर लीक मसले पर संसद में चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है, लेकिन कांग्रेस और पूरा विपक्ष बहस से भाग रहा है.

बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन ने कल दावा किया कि राहुल गांधी और विपक्ष छात्रों एवं युवाओं से जुड़े मुद्दों पर संसद में बहस से बच रहा है. उन्होंने कहा कि पूरा विपक्ष जानता है कि बहस होने पर उसका दोहरा रवैया उजागर हो जाएगा.

दूसरी ओर, कल गुरुवार को संसद परिसर में सत्ता पक्ष और विपक्ष के सांसदों ने आमने-सामने प्रदर्शन किया. दोनों पक्ष के सांसद संसद के मकर द्वार के बाहर एकत्र हुए और एक-दूसरे के खिलाफ जमकर नारेबाजी की.

संसद में बीजेपी चर्चा कराने की बात लगातार कह रही है लेकिन विपक्ष शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहा है. बीजेपी अब यही संदेश देने की कोशिश में है कि सरकार चर्चा को तैयार है, लेकिन विपक्ष इसके लिए राजी नहीं दिख रही है.

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