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‘शराब पी लो, कम से कम बात तो होगी…’, ‘डिजिटल सौतन’ से परेशान डॉक्टर पत्नी का छलका दर्द

‘शराब पी लो, कम से कम बात तो होगी…’, ‘डिजिटल सौतन’ से परेशान डॉक्टर पत्नी का छलका दर्द

Agra News: उत्तर प्रदेश के आगरा जिले से एक बेहद दिलचस्प और सोचने पर मजबूर कर देने वाला मामला सामने आया है. यहां एक वरिष्ठ चिकित्सक दंपति के वैवाहिक जीवन में ‘डिजिटल सौतन’ (स्मार्टफोन की लत) ने दरार पैदा कर दी है. गायनेकोलॉजिस्ट (स्त्री रोग विशेषज्ञ) पत्नी की शिकायत है कि उनके सर्जन पति पिछले दो सालों से यूट्यूब (YouTube) पर शॉर्ट्स और रील्स देखने के आदी हो चुके हैं. पुलिस परिवार परामर्श केंद्र पहुंची पत्नी ने तंग आकर यहां तक कह दिया कि- मोबाइल में घुसे रहने से बेहतर है कि शराब पीना शुरू कर दो, कम से कम साथ बैठकर बातचीत तो होगी.

मामला आगरा के पॉश हरीपर्वत थाना क्षेत्र का है. डॉक्टर पत्नी का कहना है कि उनके बच्चे पढ़ाई और करियर के सिलसिले में बाहर जा चुके हैं. दिनभर क्लीनिक पर मरीजों की व्यस्तता के कारण आपस में बातचीत का वक्त नहीं मिलता. शाम को घर आने के बाद पति लगातार मोबाइल स्क्रीन में खोए रहते हैं. अगर कुछ पूछो तो सिर्फ ‘हां’ या ‘ना’ में जवाब मिलता है. पत्नी का आरोप है कि वो अपने ही घर में उपेक्षा की शिकार हो रही हैं.

न नशा, न झगड़ा… फिर क्यों आपत्ति? पति की दलील पर हैरान हुए काउंसलर

पुलिस परिवार परामर्श केंद्र में दोनों पक्षों को सुनकर काउंसलर्स भी अचरज में पड़ गए. सर्जन पति ने अपनी सफाई में काउंसलर्स से कहा कि वे न तो शराब पीते हैं, न सिगरेट का नशा करते हैं और न ही कभी पत्नी से झगड़ा करते हैं. वे केवल अपना तनाव दूर करने के लिए मोबाइल में रील्स देख लेते हैं, फिर भी पत्नी को आपत्ति है. इस तर्क पर डॉक्टर पत्नी ने तल्ख लहजे में कहा कि जब मोबाइल स्क्रीन ही सर्वोपरि है, तो इससे बेहतर है कि पति शराब पीना शुरू कर दें ताकि दोनों साथ बैठकर कुछ पल बात तो कर सकें.

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काउंसलिंग के बाद कड़वाहट हुई कम; मनोवैज्ञानिकों ने दी चेतावनी

आगरा परिवार परामर्श केंद्र और मनोवैज्ञानिकों ने इस मामले में दोनों को सकारात्मक परामर्श दिया है. काउंसलर्स के मुताबिक, डॉक्टर दंपति की दो बार काउंसलिंग कराई जा चुकी है, जिसके बाद दोनों के बीच मोबाइल को लेकर आई कड़वाहट धीरे-धीरे कम हो रही है. आगरा कॉलेज के मनोविज्ञान विभाग के प्रोफेसर व काउंसलर डॉ. शिव कुमार सिंह ने बताया कि बढ़ता ‘स्क्रीन टाइम’ पति-पत्नी के रिश्तों में रूखापन और अविश्वास घोल रहा है. अब शराब की लत या सास-नंद के विवादों से ज्यादा ‘मोबाइल की लत’ वैवाहिक जोड़ों के टूटने की बड़ी वजह बन रही है.

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