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6 महीने तक गूगल पर किया सर्च, फिर मंदिर से चुराई अष्टधातु की मूर्ति…तोड़कर खेत में गाड़ा; जयपुर पुलिस ने चोर को कैसे पकड़ा?

6 महीने तक गूगल पर किया सर्च, फिर मंदिर से चुराई अष्टधातु की मूर्ति…तोड़कर खेत में गाड़ा;  जयपुर पुलिस ने चोर को कैसे पकड़ा?

जयपुर के आमेर थाना क्षेत्र के साईंबाड़ गांव स्थित प्राचीन लक्ष्मीनारायण मंदिर से अष्टधातु की मूर्ति चोरी के मामले में पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है. 6 महीने तक इंटरनेट पर मूर्तियों की कीमत और उनमें छिपे कीमती रत्नों की जानकारी जुटाने के बाद आरोपी ने चोरी की साजिश रची और वारदात को अंजाम दिया. पुलिस ने 14 दिनों के अंदर मामले का पर्दाफाश करते हुए मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि एक नाबालिग को निरुद्ध किया गया है.

पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी को शक था कि मंदिर में स्थापित वर्षों पुरानी अष्टधातु की मूर्ति में कीमती नीलम पत्थर जड़ा हुआ है. इसी लालच में उसने बिजली कटौती का फायदा उठाकर 5 जून की रात मूर्ति चुरा ली. चोरी के बाद आरोपी मूर्ति को अपने खेत में ले गया और कथित नीलम की तलाश में उसके कई टुकड़े कर दिए, जब कोई कीमती पत्थर नहीं मिला तो उसने मूर्ति के अवशेष खेत में ही दबा दिए.

कैसे पकड़ा गया आरोपी?

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच के लिए एसआईटी का गठन किया था. मामला धार्मिक आस्था से जुड़ा होने के कारण चोरी के विरोध में ग्रामीणों में प्रदर्शन भी हो रहे थे. इसी बीच पुलिस ने तकनीकी जांच का सहारा लिया. जांच टीम ने करीब 500 सीसीटीवी फुटेज खंगाले और एक हजार से अधिक मोबाइल नंबरों की कॉल डिटेल रिकॉर्ड की जांच की और आरोपी तक पहुंच गई.

6 महीने तक गूगल पर किया सर्च

जांच के दौरान पुलिस को आरोपी की इंटरनेट गतिविधियों के बारे में अहम सुराग मिले. पता चला कि वह पिछले पांच से छह महीनों से गूगल पर प्राचीन मूर्तियों की कीमत, उनकी बिक्री और उनमें छिपे कीमती रत्नों से संबंधित जानकारी खोज रहा था. इसके बाद पुलिस का शक गहराया और पूछताछ में पूरा मामला सामने आ गया.

हैरानी की बात यह रही कि वारदात के बाद आरोपी खुद को संदेह से बचाने के लिए गांव में चल रहे धरना-प्रदर्शन में भी शामिल होता रहा और पुलिस की कार्रवाई पर नजर रखता रहा. पुलिस ने उसकी निशानदेही पर खेत में दबाए गए मूर्ति के अवशेष बरामद कर लिए हैं. पुलिस यह भी जांच कर रही है कि आरोपी का संबंध किसी बड़े मूर्ति तस्कर गिरोह से तो नहीं है.

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