News

26/11 के हीरो और लेखक आईपीएस अफसर विश्वास पाटिल से क्यों नाराज हो गई कांग्रेस?

26/11 के हीरो और लेखक आईपीएस अफसर विश्वास पाटिल से क्यों नाराज हो गई कांग्रेस?

महाराष्ट्र में नागपुर के नए पुलिस आयुक्त विश्वास नांगरे पाटिल के सकल हिंदू समाज के कार्यक्रम में दिए गए भाषण का वीडियो वायरल होने के बाद विवाद खड़ा हो गया है. कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि उन्होंने RSS और उसके संस्थापक डॉ. के.बी. हेडगेवार की प्रशंसा करते हुए All India Services आचरण नियमों को तोड़ा है. पार्टी ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से सवाल किया है कि क्या अधिकारी ने कार्यक्रम में भाग लेने की अनुमति ली थी.

ऑल इंडिया सर्विसेज (कंडक्ट) रूल्स का हवाला देते हुए कांग्रेस ने दावा किया कि किसी IPS अधिकारी को ऐसे कार्यक्रम में भाग लेने से पहले सरकार से मंजूरी लेनी होती है. कांग्रेस सवाल के जरिए जानना चाह रही है कि क्या नांगरे पाटिल ने ऐसी मंजूरी ली थी और अगर नहीं, तो क्या सरकार उनके खिलाफ कार्रवाई करेगी?

‘अधिकारियों को राजनीतिक रूप से तटस्थ रहना चाहिए’

पार्टी ने कहा कि जो IPS अधिकारी RSS, हिंदुत्व और RSS के संस्थापक के.बी. हेडगेवार की तारीफ करते हैं, उनका ऐसा भाषण सरकारी नियमों के खिलाफ है. सरकारी अफसरों (All India Services) के नियम कहते हैं कि उन्हें राजनीतिक रूप से तटस्थ रहना चाहिए और अपने पद के हिसाब से आचरण करना चाहिए. इन नियमों में अफसरों को किसी राजनीतिक या विचारधारा वाले संगठन से जुड़ने की मनाही है. पार्टी ने सवाल किया कि क्या RSS जैसे संगठन के मंच पर जाकर उसकी और उसके संस्थापक की प्रशंसा करना भी इन नियमों का उल्लंघन नहीं है?

कांग्रेस ने कहा कि ये मुद्दा सिर्फ एक अधिकारी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सिविल सर्विसेज की विश्वसनीयता, राजनीतिक निष्पक्षता के संवैधानिक सिद्धांत और पुलिस प्रशासन में जनता के भरोसे से जुड़ा है. एक दूसरे पोस्ट में, विपक्षी पार्टी ने कहा कि पुलिस का काम कानून-व्यवस्था बनाए रखना है, न कि सामाजिक बंटवारे को बढ़ावा देने वाले संगठनों का महिमामंडन करना.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *