समंदर में लहरों संग बहकर आईं देवी-देवताओं की रहस्यमयी मूर्तियां, सस्पेंस बरकरार, होगी जांच

Andhra Pradesh News: आंध्र प्रदेश के बापटला जिले से एक अत्यंत रहस्यमयी और कौतुक पैदा करने वाली खबर सामने आई है. जिले के वेटापलेम मंडल अंतर्गत पोट्टीसुब्बय्यापलेम समुद्र तट पर अचानक अज्ञात देवी-देवताओं की मूर्तियां और एक पवित्र शिवलिंग का आसन (पीठम) मिलने से हड़कंप मच गया है. स्थानीय मछुआरों ने सबसे पहले इन प्रतिमाओं को किनारे पर पड़ा देखा, जिसके बाद पुलिस और राजस्व विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को इसकी सूचना दी गई.
अधिकारियों के मुताबिक, पोट्टीसुब्बाइपालेम तटीय क्षेत्र में बीते दो दिनों के दौरान आए तेज ज्वार-भाटे के कारण समुद्र तट पर भारी कटाव देखने को मिला है. जलवायु परिवर्तन के प्रभाव से समुद्र तट का लगभग 2 किलोमीटर लंबा हिस्सा प्रभावित हुआ है और पानी किनारे से 20 मीटर अंदर तक घुस आया है. कटाव इतना जबरदस्त था कि तट के पास 10 फुट चौड़े और खतरनाक गहरे गड्ढे बन गए हैं.
अधिकारियों ने मूर्तियों को लिया कब्जे में, पर्यटकों पर पाबंदी
घटना की जानकारी मिलते ही कोथापटनम समुद्री पुलिस प्रमुख रमेश बाबू, वेटापलेम तहसीलदार गीता रानी और सिविल पुलिस बल ने तुरंत तटीय क्षेत्र का दौरा कर निरीक्षण किया. रविवार को छुट्टियों के चलते तटीय क्षेत्र में उमड़ने वाली पर्यटकों की संभावित भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने 2 किलोमीटर लंबे हिस्से में पर्यटकों को समुद्र में नहाने और पानी के करीब जाने से पूरी तरह रोक दिया है. पुलिस और प्रशासन की टीम ने तटीय क्षेत्र से बरामद अज्ञात देव-प्रतिमाओं और शिवलिंग आसन को सुरक्षित अपने कब्जे में ले लिया है.
लहरों संग बहकर आईं या जमीन के नीचे से निकलीं?
पोट्टीसुब्बय्यापलेम बीच पर मिली इन प्राचीन धरोहरों को लेकर स्थानीय मछुआरों और ग्रामीणों के बीच चिंता के साथ-साथ कौतुक का माहौल है. अब बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि क्या ये मूर्तियां समुद्र की ऊंची लहरों के साथ बहकर किनारे पहुंची हैं, या फिर तट पर हुए भारी कटाव और गहरे गड्ढों के कारण जमीन के नीचे दबा इतिहास बाहर निकल आया है? फिलहाल अधिकारी और संबंधित विभाग इन मूर्तियों के स्रोत, प्राचीनता और इनके यहां पहुंचने के वास्तविक कारणों की वैज्ञानिक व ऐतिहासिक जांच में जुट गए हैं.
