Heatwave: सबसे बड़े जश्न के रंग में भंग डालेगी गर्मी, अमेरिका में इस हफ्ते आने वाली है खतरनाक हीटवेव

US heatwave: यूरोप के बाद अमेरिका में भी खतरनाक हीटवेव का खतरा मंडरा रहा है. इस हफ्ते लोगों को यहां प्रचंड गर्मी का सामना करना पड़ सकता है. यह गर्मी अमेरिका के सबसे बड़े जश्न के रंग में भंग डालने वाली है. राष्ट्रीय मौसम सेवा (NWS) ने इसको लेकर चेतावनी जारी की है. एनडब्ल्यूएस ने कहा है कि अमेरिका के बड़े हिस्से में बहुत तेज गर्मी की लहर आएगी. लू चलने की भी संभावना है.
इससे करीब 12 करोड़ लोग प्रभावित होंगे. NWS ने कहा कि दिन में भारी गर्मी पड़ेगी, हवा में नमी ज्यादा रहेगी और रात में भी इतनी गर्मी होगी कि सांस लेना मुश्किल हो जाएगा. दरअसल, यह सब ठीक 4 जुलाई की छुट्टियों के समय हो रहा है. अमेरिका में 4 जुलाई को स्वतंत्रता दिवस मनाया जाता है. इस दिन अमेरिका में राष्ट्रीय अवकाश रहता है. अमेरिकी इस दिन को 1776 में ब्रिटेन से आजादी के रूप में मनाते हैं.
ओंटारियो में 37 डिग्री तापमान!
कनाडा के अधिकांश हिस्सों में मंगलवार से ही तेज गर्मी शुरू हो गई है. ओंटारियो में तापमान 37 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है. अमेरिका में पूर्वी तट से लेकर देश के बीच वाले इलाकों तक बड़े क्षेत्र में यह तेज गर्मी पड़ने वाली है. एनडब्ल्यूएस के मुताबिक, कल यानी गुरुवार तक मिडवेस्ट और मिसिसिपी घाटी में गर्मी अपने चरम पर पहुंच जाएगी.
यह तेज गर्मी गुरुवार और छुट्टियों के वीकेंड में आगे बढ़कर ओहियो घाटी और पूर्वी तट की ओर जाएगी. तापमान 35 से 40.6 डिग्री सेल्सियस तक रहने वाला है. इससे पहले यूरोप में भी भयंकर गर्मी पड़ी थी. कई देशों में रिकॉर्ड तोड़ गर्मी दर्ज की गई.
टूट सकते हैं कई पुराने रिकॉर्ड
नमी ज्यादा होने से हीट इंडेक्स 100 से 115 फारेनहाइट (38C-46C) तक पहुंच सकता है, जो काफी खतरनाक है. गुरुवार और शुक्रवार को कई जगहों पर पुराने तापमान के रिकॉर्ड टूट सकते हैं. कुछ जगहों पर सबसे ज्यादा गर्मी का रिकॉर्ड भी टूटने की आशंका है. वहीं, न्यूयॉर्क सिटी में मेयर जोहरान ममदानी ने इमरजेंसी प्लान शुरू कर दिया है. पूरे शहर में सैकड़ों कूलिंग सेंटर खोल दिए गए हैं. डेट्रॉइट शहर में भी तापमान 38 डिग्री सेल्सियस तक जा सकता है, इसलिए वहां कई एंटरटेनमेंट सेंटर एयर कंडीशनर के साथ खोल दिए गए हैं.
यूरोप में गर्मी से मचा हाहाकार
इस वक्त यूरोप में भी गर्मी से हाहाकार मचा हुआ है. कई देशों में तापमान के रिकॉर्ड टूट गए. ठंडे माने जाने वाले देशों में पारा 40 से 42 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है. इस चिलचिलाती गर्मी ने लोगों का जीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है. अब तक 1300 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. अकेले फ्रांस में 1000 लोगों की जान गई है. मरने वालो में ज्यादातर बुजुर्ग हैं, जिनकी उम्र 65 साल और उससे ज्यादा थी. वैज्ञानिकों का कहना है कि यह खतरनाक हीटवेव जलवायु परिवर्तन और अल नीनो के प्रभाव का नतीजा है.