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जामिया में आंदोलन पर दो फाड़, एक गुट ने खत्म की भूख हड़ताल,दूसरा अब भी चुनाव की तारीख पर अड़ा

जामिया में आंदोलन पर दो फाड़, एक गुट ने खत्म की भूख हड़ताल,दूसरा अब भी चुनाव की तारीख पर अड़ा

जामिया मिल्लिया इस्लामिया में छात्रसंघ चुनाव की मांग को लेकर चल रहे प्रदर्शन के बीच विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्रों की मांगों पर आज (सोमवार, 26 अक्टूबर) सुबह एक आदेश जारी किया है. प्रशासन ने प्रदर्शनकारी छात्रों की तीन प्रमुख मांगें मान ली हैं, लेकिन इसके बावजूद छात्रों के बीच आंदोलन खत्म करने को लेकर सहमति नहीं बन पाई है. छात्रों के एक गुट ने भूख हड़ताल खत्म कर दी है, जबकि दूसरा गुट अब भी भूख हड़ताल पर बैठा है.

दरअसल छात्रों की मांग थी कि छात्रसंघ के संविधान को मंजूरी मिलने के 15 दिन के भीतर चुनाव कराए जाएं, प्रदर्शन के दौरान जारी निलंबन और कारण बताओ नोटिस वापस लिए जाएं और प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा कर्मचारियों की कार्रवाई की जांच के लिए कमेटी गठित की जाए. विश्वविद्यालय प्रशासन ने अपने आदेश में छात्रों की इन मांगों को स्वीकार किया है.

निलंबन और कारण बताओ नोटिस होंगे वापस

प्रशासन के आदेश के मुताबिक, प्रदर्शन के दौरान छात्रों को जारी किए गए निलंबन और कारण बताओ नोटिस वापस लिए जाएंगे. वहीं, सुरक्षा कर्मचारियों की कार्रवाई की जांच के लिए कमेटी गठित की जाएगी. छात्रसंघ चुनाव संविधान को मंजूरी मिलने के 15 दिन बाद कराने की बात भी कही गई है.

छात्रों ने अपने मांगपत्र में यह भी कहा था कि प्रदर्शन के दौरान विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ दिए गए कथित मानहानिकारक बयानों, कार्रवाइयों और सोशल मीडिया पोस्ट के लिए वो प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सार्वजनिक रूप से माफी मांगेंगे और संबंधित पोस्ट हटाएंगे. प्रशासन ने छात्रों के इस आश्वासन को भी अपने आदेश में दर्ज किया है.

छात्रसंघ चुनाव की तारीख की मांग

हालांकि, विवाद अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है. भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों के एक गुट का कहना है कि जब तक छात्रसंघ चुनाव की तारीख का ऐलान नहीं किया जाता, तब तक उनका प्रदर्शन जारी रहेगा. छात्रों का कहना है कि प्रशासन के आदेश में चुनाव की तारीख स्पष्ट नहीं की गई है और संविधान को मंजूरी मिलने के 15 दिन बाद चुनाव कराने की बात कही गई है.

एक गुट ने खत्म किया आंदोलन, दूसरा अड़ा

ऐसे में जामिया में आंदोलन को लेकर स्थिति बंटी हुई है. एक गुट ने प्रशासन के आदेश के बाद भूख हड़ताल खत्म कर दी है, जबकि दूसरा गुट चुनाव की तारीख घोषित करने की मांग पर अड़ा हुआ है. अब देखना होगा कि विश्वविद्यालय प्रशासन चुनाव की तारीख को लेकर क्या कदम उठाता है और क्या इससे प्रदर्शन खत्म हो पाता है.

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