रामनगर में चला ‘पीला पंजा’… घर उजड़ते देख फूट-फूटकर रोए लोग, जमीन बेचने वालों पर लगाया धोखाधड़ी का आरोप

Ramnagar Bulldozer Action: नैनीताल जिले के रामनगर के पूछड़ी क्षेत्र में वन भूमि से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान आज का मंजर बेहद भावुक कर देने वाला रहा. जेसीबी से मकान ध्वस्त होते देख कई परिवारों के आंसू छलक पड़े. कोई अपने उजड़ते आशियाने को देखकर रोता नजर आया तो कोई अपने बच्चों के भविष्य और परिवार के रहने की चिंता में परेशान दिखा.
इस दौरान पीड़ितों ने जमीन खरीदने में धोखाधड़ी का गंभीर आरोप लगाते हुए उस व्यक्ति का नाम भी उजागर किया, जिससे उन्होंने जमीन खरीदी थी. लोगों का आरोप है कि उन्हें सस्ते दामों पर जमीन बेचकर धोखे में रखा गया और आज उन्हें बेघर होना पड़ रहा है. रामनगर के पूछड़ी क्षेत्र में वन भूमि से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान आज कई परिवारों के सामने उनका वर्षों से बना आशियाना मलबे में तब्दील हो गया.
मकानों के साथ एक मस्जिद को भी ध्वस्त किया गया
कार्रवाई के दौरान मकानों के साथ एक मस्जिद को भी ध्वस्त किया गया. जैसे-जैसे जेसीबी का पंजा मकानों पर चलता गया, वहां मौजूद लोगों की आंखों से आंसू छलकते रहे. पीड़ित परिवारों का कहना था कि उन्होंने अपनी जीवनभर की जमा पूंजी लगाकर जमीन खरीदी थी. किसी ने तीन लाख रुपये देकर जमीन खरीदने की बात कही तो किसी ने बताया कि उन्होंने तहसील से जमीन खरीदने के नाम पर कभी दस हजार, कभी बीस हजार और कभी तीस हजार रुपये करके रकम जुटाई थी.
पीड़ितों ने जमीन बेचने के मामले में ताहिर नाम के व्यक्ति पर गंभीर आरोप लगाए. उनका कहना है कि उन्होंने पूछड़ी क्षेत्र में जमीन ताहिर से खरीदी थी. लोगों ने आरोप लगाया कि ताहिर पहले रामनगर में फेरी लगाकर सब्जियां बेचा करता था. इसके बाद वह एक ऐसी कंपनी से जुड़ा, जिसमें पैसा दोगुना करने का दावा किया जाता था. पीड़ितों के मुताबिक, इस कंपनी में भी गरीब लोगों का पैसा लगाया गया, जो आज तक फंसा हुआ है.
एसआईटी की जांच चलने की बात भी सामने आई
लोगों ने आरोप लगाया कि इसके बाद ताहिर ने दो अन्य लोगों के साथ मिलकर कथित तौर पर दस रुपये के स्टांप पर बाहर से आए लोगों को सस्ते दामों में जमीन बेची. उनका यह भी आरोप है कि उसने अपने मकान से नीचे की ओर सैकड़ों लोगों को जमीन बेची और बाद में जमीन खरीदने वाले कुछ लोगों ने भी आगे वन भूमि पर कब्जा बढ़ा दिया. इस पूरे मामले में एसआईटी की जांच चलने की बात भी सामने आई है.
पीड़ितों के आरोपों के मुताबिक, पुलिस ने ताहिर को बीती शाम हिरासत में लिया था. इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है.
वहीं, वर्षों से पूछड़ी में रह रही प्रेमा देवी अपने घर को उजड़ता देख भावुक हो गईं. उन्होंने बताया कि उनकी सास शादी के बाद यहां आई थीं और परिवार की कई पीढ़ियां इसी जगह पर रह रही हैं. अब उनके सामने छह बच्चों के पालन-पोषण और परिवार को रखने की चिंता खड़ी हो गई है.
थोड़ी-थोड़ी रकम जोड़कर जमीन खरीदी थी, लेकिन…
वहीं मकान टूटने से प्रभावित समसाद ने बताया कि उनके परिवार में तीन बेटियां और एक बेटा है. उन्होंने थोड़ी-थोड़ी रकम जोड़कर जमीन खरीदी थी, लेकिन अब उनका मकान भी ध्वस्त कर दिया गया. उनका कहना है कि गरीब परिवारों के सामने अब रहने का संकट खड़ा हो गया है.कार्रवाई के दौरान वहां मौजूद हर व्यक्ति की जुबां पर अपने घर और परिवार की चिंता थी.
किसी के सिर से छत छिन गई तो किसी के सामने बच्चों के भविष्य का सवाल खड़ा हो गया. हालांकि, वन भूमि से अतिक्रमण हटाने की प्रशासनिक कार्रवाई जारी रही, लेकिन इस कार्रवाई ने जमीन खरीद-फरोख्त में कथित धोखाधड़ी और गरीब परिवारों के साथ हुए सौदों पर भी कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
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