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महाराष्ट्र में तबाही वाली बारिश… ठाणे में रेड अलर्ट, 24 घंटे में रिकॉर्ड 77mm बारिश, 100 पेड़ उखड़े; अगले 48 घंटे मुंबई-पालघर के लिए भारी

महाराष्ट्र में तबाही वाली बारिश… ठाणे में रेड अलर्ट, 24 घंटे में रिकॉर्ड 77mm बारिश, 100 पेड़ उखड़े; अगले 48 घंटे मुंबई-पालघर के लिए भारी

Mumbai Heavy Rain Alert: देश की आर्थिक राजधानी मुंबई और उससे सटे ठाणे जिले में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है. मौसम विभाग ने ठाणे जिले में बारिश का रेड अलर्ट जारी किया गया है. पिछले 24 घंटों में जिले में 77.18 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है, जबकि बीते चार दिनों से लगातार हो रही बारिश के कारण कई इलाकों में जलभराव और पेड़ गिरने की घटनाएं तेजी से बढ़ी हैं.

ठाणे जिले में पिछले चार दिनों के दौरान 50 पेड़ पूरी तरह धराशायी हो गए, जबकि 49 पेड़ों की बड़ी शाखाएं टूटकर सड़कों और वाहनों पर गिर. राहत की बात यह रही कि इन घटनाओं में किसी भी तरह की जनहानि नहीं हुई. हालांकि, कई दोपहिया और चारपहिया वाहन क्षतिग्रस्त हुए हैं, जिससे लोगों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है. नगर निगम और आपदा प्रबंधन की टीमें लगातार गिरे हुए पेड़ों को हटाने और यातायात सामान्य करने में जुटी हुई हैं.

नालासोपारा में बाढ़ जैसे हालात

मुंबई से सटे नालासोपारा में हालात और भी गंभीर बने हुए हैं. लगातार बारिश के चलते कई निचले इलाके पूरी तरह पानी में डूब गए हैं. सड़कों पर घुटनों तक पानी भर जाने से लोगों की आवाजाही प्रभावित हो गई और कई स्थानों पर बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं. स्थानीय प्रशासन ने लोगों से जरूरी होने पर ही घरों से बाहर निकलने की अपील की है. वहीं नालासोपारा रेलवे स्टेशन के बाहर भारी जलभराव होने से यात्रियों परेशानियां बढ़ गई हैं. सुबह 5:30 बजे यात्री पानी से भरे रास्तों से होकर स्टेशन पहुंचने को मजबूर दिखे.

कार पर गिरा पेड़

वहीं लगातार हो रही बारिश के कारण मुंबई के माटुंगा इलाके में रात के समय एक बड़ा पेड़ सड़क किनारे खड़ी कार पर गिर गया. पेड़ गिरने से कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई. राहत की बात यह रही कि घटना के समय वाहन में कोई मौजूद नहीं था, जिससे बड़ा हादसा टल गया. अधिकारियों के अनुसार, पिछले दो-तीन दिनों में मुंबई महानगर क्षेत्र में 90 से 100 पेड़ गिरने की घटनाएं दर्ज की गई हैं.

वहीं मुंबई के फूल मार्केट में आज शनिवार तड़के करीब 2:30 बजे एक विशाल पेड़ उखड़कर बाजार की छत पर गिर गया, जिससे शेड को भारी नुकसान पहुंचा.राहत की बात यह रही कि घटना देर रात होने के कारण कोई जनहानि नहीं हुई.एहतियात के तौर पर बाजार की बिजली आपूर्ति बंद कर दी गई ताकि किसी तरह की अप्रिय घटना न हो.

महापालिका के कर्मचारी मौके पर पहुंचकर पेड़ को काटकर हटाने के काम में जुटे हैं. साथ ही बाजार को हुए नुकसान का भी आकलन किया जा रहा है. पेड़ गिरने की पूरी घटना वहां लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है.

मुंबई और ठाणे में होगी भारी बारिश

मौसम विभाग ने अगले 24 से 48 घंटों तक मुंबई, ठाणे, पालघर और आसपास के क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है. प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने, जलभराव वाले इलाकों से बचने और मौसम संबंधी आधिकारिक सलाह का पालन करने की अपील की है.

उफान पर अरुणावती नदी

सातपुड़ा पर्वत श्रृंखला की तलहटी में बहने वाली अरुणावती नदी उफान पर है. मध्यप्रदेश सहित सातपुड़ा पर्वत श्रृंखला में हो रही मूसलाधार बारिश के बाद नदी में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं. बाढ़ के पानी में सातपुड़ा की तलहटी में स्थित जोयदा गांव के पास बना छोटा पुल डूब गया है. मध्यप्रदेश राज्य की सीमा में लगातार हो रही भारी बारिश के बाद ढलान पर बहने वाली अरुणावती नदी ने रौद्र रूप धारण कर लिया. सांगवी क्षेत्र में बाढ़ का पानी देखने के लिए नागरिकों की भारी भीड़ उमड़ी.

पूर्णा और तापी नदी में बढ़ा पानी

मध्य प्रदेश और विदर्भ में पिछले कुछ दिनों से हो रही लगातार भारी बारिश का असर अब महाराष्ट्र के जलाशयों और नदियों पर भी साफ दिखाई देने लगा है. बारिश के कारण पूर्णा और तापी नदी में पानी तेजी से बढ़ रहा है, जिसके चलते जलगांव जिले के हतनूर बांध से नियंत्रित रूप से पानी छोड़ा जा रहा है.

बांध प्रबंधन ने हतनूर बांध के 10 गेट एक-एक मीटर तक खोल दिए हैं. वर्तमान में बांध से 22,248 क्यूसेक पानी तापी नदी के पात्र में छोड़ा जा रहा है. अधिकारियों के अनुसार, यह कदम बांध में बढ़ती जल आवक को नियंत्रित करने और जलाशय के सुरक्षित संचालन के लिए उठाया गया है.

प्रशासन ने की ये अपील

प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले नागरिकों, किसानों और मछुआरों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है. लोगों से कहा गया है कि वे तापी नदी के किनारे, पुलों, घाटों और बांध क्षेत्र में अनावश्यक आवाजाही न करें और किसी भी तरह की लापरवाही से बचें. नदी के जलस्तर में अचानक बढ़ोतरी होने की आशंका को देखते हुए प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है.

अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि मध्य प्रदेश और विदर्भ के जलग्रहण क्षेत्रों में बारिश का सिलसिला जारी रहता है और हतनूर बांध में पानी की आवक और बढ़ती है, तो पानी का डिस्चार्ज बढ़ाया जा सकता है. आवश्यकता पड़ने पर बांध के अन्य गेट भी खोले जा सकते हैं.

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