Budh Ast 27 April-23 May: 23 मई तक बुधदेव रहेंगे अस्त, जल्दबाजी में लिया फैसला तो डूबेगी लुटिया

Mercury Combust 2026: ज्योतिष शास्त्र में बुधदेव बुद्धि, वाणी, तर्क और व्यापार के अधिपति माने जाते हैं. जब भी कोई ग्रह सूर्यदेव के अत्यंत निकट आता है, तो वह ‘अस्त’ हो जाता है. इसका अर्थ है कि वह ग्रह अपनी स्वतंत्र शक्ति खो देता है, जिससे उसके प्रभाव में कमी आ जाती है. 27 अप्रैल से 23 मई 2026 तक बुधदेव अस्त अवस्था में रहेंगे. यह अवधि पहले मीन राशि (नीच राशि) में शुरू होगी और फिर 30 अप्रैल 2026 को बुधदेव मेष राशि में गोचर करेंगे. इस बदलाव से सोच में भावनात्मक उलझन की जगह जल्दबाजी और बिना सोचे-समझे लिए गए निर्णय हावी हो सकते हैं.
बुधदेव के अस्त होने का सामान्य प्रभाव
मीन राशि में बुधदेव के अस्त रहने से मन में उलझन और अधिक सोचने की प्रवृत्ति बढ़ सकती है. संवाद में स्पष्टता की कमी रहेगी और लोग भावनात्मक होकर निर्णय लेंगे. 30 अप्रैल को जब बुधदेव मेष राशि में प्रवेश करेंगे, तो सोच में तेजी आएगी और वाणी सीधी होगी, लेकिन स्पष्टता की कमी के कारण जल्दबाजी में प्रतिक्रिया देने की आदत बढ़ सकती है.
मेष राशि
बुधदेव आपके प्रथम भाव (लग्न स्थान) में अस्त होकर गोचर कर रहे हैं. इससे आपकी वाणी में आत्मविश्वास तो बढ़ेगा और आप तेजी से काम करेंगे, लेकिन विचारों में स्पष्टता की कमी रह सकती है. मंगलदेव के प्रभाव के कारण स्वभाव में थोड़ी भावनात्मक प्रतिक्रियाएं बढ़ सकती हैं.
उपाय: बोलने से पहले अच्छी तरह विचार करें और ‘ॐ बुधाय नमः’ मंत्र का जाप करें.
वृषभ राशि
बुधदेव आपके एकादश भाव से द्वादश भाव (खर्च और बाहरी संपर्कों का क्षेत्र) में गोचर कर रहे हैं. पहले लाभ को लेकर मन में अनिश्चितता रहेगी, फिर अचानक खर्च बढ़ सकते हैं. मानसिक बेचैनी के कारण नींद में बाधा आ सकती है.
उपाय: खर्चों पर नियंत्रण रखें और नियमित रूप से ध्यान लगाएं.
मिथुन राशि
आपकी राशि के स्वामी बुधदेव का अस्त होना आप पर गहरा प्रभाव डालेगा. वे आपके दशम भाव से एकादश भाव (लाभ का क्षेत्र) में जा रहे हैं. करियर की उलझनें तो कुछ कम होंगी, लेकिन आय को लेकर स्थिति अभी भी अस्पष्ट रह सकती है. योजनाओं में मजबूती की कमी रहेगी.
उपाय: अपनी योजनाओं की दोबारा जांच करें और बुध मंत्र का जाप करें.
कर्क राशि
बुधदेव आपके नवम भाव से दशम भाव (कर्म और प्रतिष्ठा का क्षेत्र) में गोचर कर रहे हैं. विचारों की उलझन अब कार्यक्षेत्र में जल्दबाजी का रूप ले सकती है. ऑफिस में बातचीत करते समय सावधानी रखें, वरना भावनात्मक निर्णय प्रगति में बाधा डाल सकते हैं.
उपाय: शांत रहें और कोई भी निर्णय जल्दबाजी में न लें.
सिंह राशि
बुधदेव आपके अष्टम भाव से नवम भाव (भाग्य और लंबी यात्रा का क्षेत्र) में गोचर कर रहे हैं. पुरानी छिपी हुई उलझनें कम होंगी, लेकिन आप अपनी बातों को लेकर थोड़े अड़ियल हो सकते हैं. बड़ों के साथ बहस होने की स्थिति बन सकती है.
उपाय: बड़ों का सम्मान करें और व्यर्थ के विवादों से बचें.
कन्या राशि
आपकी राशि के स्वामी बुधदेव सप्तम भाव से अष्टम भाव (परिवर्तन का क्षेत्र) में जा रहे हैं. रिश्तों को लेकर उलझन और बढ़ सकती है. अधिक सोचने के कारण मानसिक शांति कम होगी और काम में स्पष्टता की कमी खलेगी.
उपाय: नकारात्मक सोच से बचें और विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें.
तुला राशि
बुधदेव आपके छठे भाव से सप्तम भाव (विवाह और साझेदारी का क्षेत्र) में प्रवेश कर रहे हैं. काम के क्षेत्र की परेशानियां अब रिश्तों में गलतफहमी का कारण बन सकती हैं. बातचीत में धैर्य रखना बहुत जरूरी है.
उपाय: दूसरों की बात सुनने की आदत डालें और विवादों को टालें.
वृश्चिक राशि
बुधदेव आपके पंचम भाव से छठे भाव (रोग और शत्रु का क्षेत्र) में गोचर कर रहे हैं. रचनात्मक कार्यों की उलझन अब काम के तनाव में बदल सकती है. आप बातों पर जल्दी प्रतिक्रिया दे सकते हैं. सेहत का भी ध्यान रखने की जरूरत है.
उपाय: जीवन में अनुशासन लाएं और दूसरों से न उलझें.
धनु राशि
बुधदेव आपके चतुर्थ भाव से पंचम भाव (शिक्षा और प्रेम का क्षेत्र) में जा रहे हैं. मानसिक तनाव में थोड़ी कमी आएगी, लेकिन प्रेम संबंधों और पढ़ाई के मामलों में जल्दबाजी में लिए गए निर्णय परेशान कर सकते हैं.
उपाय: अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करें और भावनात्मक फैसलों से बचें.
मकर राशि
बुधदेव आपके तीसरे भाव से चतुर्थ भाव (सुख और परिवार का क्षेत्र) में गोचर कर रहे हैं. संचार से जुड़ी दिक्कतें अब पारिवारिक मामलों में दिखाई दे सकती हैं. मानसिक शांति में उतार-चढ़ाव बना रहेगा.
उपाय: घर में शांति बनाए रखें और मधुर वाणी का प्रयोग करें.
कुंभ राशि
बुधदेव आपके दूसरे भाव से तीसरे भाव (साहस और पराक्रम का क्षेत्र) में जा रहे हैं. धन को लेकर चल रही उलझनें कुछ कम होंगी, लेकिन वाणी में जल्दबाजी आ सकती है. कुछ भी बोलने के बाद आपको पछतावा हो सकता है.
उपाय: बोलने से पहले एक बार जरूर सोचें.
मीन राशि
बुधदेव आपके प्रथम भाव (लग्न स्थान) में नीच के होकर अस्त अवस्था में हैं. इससे बहुत ज्यादा सोचने और भ्रम की स्थिति बनी रहेगी. गोचर के बाद जब वे दूसरे भाव में जाएंगे, तो वाणी और धन के मामलों में सावधानी रखनी होगी.
उपाय: वाणी पर नियंत्रण रखें और सोच-समझकर ही खर्च करें.
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Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र की जानकारियों पर आधारित है. टीवी9 भारतवर्ष इसकी पुष्टि नहीं करता है. किसी भी प्रकार के सुझाव के लिए astropatri.com पर संपर्क करें.