दिल्ली में आंदोलन के बीच विपक्ष में क्रेडिट की होड़! स्टालिन बोले- सबसे पहले हमने उठाया था NEET का मुद्दा

NEET पेपर लीक और परीक्षा में भारी अनियमितताओं की वजह से देशभर में आक्रोश है. छात्रों और अभिभावकों के साथ ही तमाम राजनीतिक दलों ने इस मुद्दे को लेकर नाराजगी जाहिर की है. राजधानी दिल्ली समेत देश के कई राज्यों में इसको लेकर विरोध प्रदर्शन किए जा रहे हैं. इस बीच तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री और DMK प्रमुख एमके स्टालिन का बयान सामने आया है. उन्होंने NEET को खत्म करने की मांग का है. उनका कहना है कि सबसे पहले DMK NEET का मुद्दा उठाया था.
सोशल मीडिया पर डीएमके प्रमुख एमके स्टालिन ने एक पोस्ट शेयर किया है, जिसमें उन्होंने दिल्ली में हुए विरोध प्रदर्शन का जिक्र करते एक बार फिर राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) को खत्म करने की मांग तेज कर दी है. उनका कहना है कि छात्रों के विरोध प्रदर्शन का मुख्य मुद्दा NEET को खत्म करना होना चाहिए.
The students’ protest in New Delhi has now captured the attention of the entire country.
We were the first to warn that #NEET was designed to enable large-scale irregularities. That is why the DMK has opposed NEET from the very beginning, consistently pointing out the the pic.twitter.com/HIoXWLIvwR
— M.K.Stalin (@mkstalin) July 22, 2026
‘हमने सबसे पहले चेतावनी दी थी’
अपनी पोस्ट में पूर्व सीएम ने कहा ‘नई दिल्ली में छात्रों के विरोध-प्रदर्शन ने अब पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींचा है. हमने सबसे पहले चेतावनी दी थी कि #NEET को इस तरह से बनाया गया है कि इसमें बड़े पैमाने पर गड़बड़ियां हो सकें. इसीलिए DMK ने शुरू से ही NEET का विरोध किया है और लगातार इससे जुड़े खतरों के बारे में बताया है’.
NEET को खत्म करने की मांग
इसके आगे एमके स्टालिन ने कहा ‘तमिलनाडु, जिसने सामाजिक न्याय की रक्षा में भारत का नेतृत्व किया और पहले संवैधानिक संशोधन का रास्ता तैयार किया, उसकी बस एक ही मांग है- #AbolitionOfNEET (NEET को खत्म करना)’.
‘सभी समस्याओं का स्थायी समाधान’
DMK प्रमुख का कहना है कि छात्रों के प्रदर्शन में कई मांगें हो सकती हैं, लेकिन NEET को खत्म करने की मांग सबसे अहम मुद्दा होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि सिर्फ NEET को खत्म करने से ही छात्रों की इन सभी समस्याओं का स्थायी समाधान मिल पाएगा. उनका कहना है कि NEET से जुड़े मुद्दों पर गंभीरता से विचार करने और छात्रों की मांगों को सुनने की जरूरत है.
दिल्ली में छात्रों का आंदोलन जारी
दिल्ली के जंतर-मंतर पर NEET पेपर लीक और परीक्षा में भारी अनियमितताओं को लेकर छात्र आंदोलन कर रहे हैं. इस आंदोलनको तमाम राजनातिक दलों का भी समर्थन मिल रहा है. छात्र शिक्ष मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर अड़े हुए हैं. 20 जुलाई को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने संसद मार्च का आह्वान किया, जिसमें देशभर के छात्रों ने शिरकत की. इस दौरान पुलिस और छात्रों के बीच हिंसक झड़प भी हुई.